CBI का बड़ा एक्शन: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात IPS दीपक गहलावत गिरफ्तार, फर्जी दवा जांच में 3 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप


नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को कथित 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है। गहलावत उस समय ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) में क्षेत्रीय निदेशक (Regional Director) के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे। गिरफ्तारी 1 जुलाई 2026 को की गई।


CBI के अनुसार, मामला पुडुचेरी में सामने आए नकली दवा निर्माण और बिक्री से जुड़े एक केस से जुड़ा है। आरोप है कि दीपक गहलावत ने एक कारोबारी को भरोसा दिलाया कि वह CBI अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच में राहत दिला सकते हैं। इसके बदले उन्होंने 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये अग्रिम देने की भी कथित मांग की गई थी।


पहले दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर समेत सात लोग हुए थे गिरफ्तार


इस मामले की शुरुआत 8 जून 2026 को दर्ज CBI एफआईआर से हुई थी। एफआईआर में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, कथित बिचौलिया राजकुमार और कारोबारी एन. राजा को नामजद किया गया था। बाद में CBI ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, राजकुमार और अन्य आरोपियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान 25 लाख रुपये ट्रैप मनी और 90 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।


जांच में सामने आया IPS अधिकारी का नाम


CBI का कहना है कि शुरुआती गिरफ्तारियों के बाद जांच आगे बढ़ी तो दीपक गहलावत की कथित भूमिका सामने आई। एजेंसी के मुताबिक, कारोबारी की मुलाकात एरोसिटी स्थित कार्यालय में कराई गई, जहां कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। जांच के दौरान गहलावत से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से डिजिटल उपकरण, हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।


अदालत में पेश, रिमांड की मांग


गिरफ्तारी के बाद CBI ने दीपक गहलावत को अदालत में पेश किया। एजेंसी ने पूछताछ के लिए उनकी रिमांड मांगी ताकि रिश्वत की कथित साजिश, धन के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा सके। मामले की जांच अभी जारी है।


CBI का कहना है कि यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

error: Content is protected !!