नवाबपुरा से बरामद हुआ 7 मोहर्रम का अलम मुबारक, अज़ादारों ने पेश किया पुरसा-ए-हुसैन
मजलिस, नौहाख्वानी और मातम के बीच गमगीन फिज़ा में निकला जुलूस, बड़ी तादाद में शामिल हुए अज़ादार
लव इंडिया, मुरादाबाद। 7 मोहर्रम के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी नवाबपुरा स्थित गुड़िया बाग में हाजी चमन हैदर के इमामबाड़ा हज़रत अली अलैहिस्सलाम से अलम मुबारक का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ बरामद हुआ। जुलूस से पहले मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना सैय्यद मंजूर अली नकवी ने खिताब करते हुए वाक़या-ए-कर्बला, पैगाम-ए-हुसैनी और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की अज़ीम कुर्बानियों पर रोशनी डाली।

मजलिस के बाद नौहाख्वानी और मातम का सिलसिला शुरू हुआ। नौहाख्वानों ने अपने दर्दभरे कलाम पेश किए, जिन पर अज़ादारों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी के जरिए इमाम हुसैन और शहीदान-ए-कर्बला को पुरसा पेश किया।

अलम मुबारक का जुलूस अपने तयशुदा रास्तों से होता हुआ लांड्री वालान पहुंचा, जहां यह दूसरे जुलूस में शामिल हुआ। इसके बाद जुलूस कोहना मुगलपुरा स्थित बन्नो बी के इमामबाड़े पहुंचकर इख्तिताम पज़ीर हुआ।

जुलूस में बड़ी तादाद में अज़ादार शरीक हुए। इस मौके पर हाजी रईस हैदर, रज़ा हैदर, बाबर अली, गुलफाम हुसैन, नईम गदौरी, गुलज़ार हैदर, इरफान हैदर, जावेद अली, मुराद अली, जफर अब्बास, जहीर अब्बास, अनीस हैदर, मौलाना सज्जाद, आकिल शमीम, गुलाब शाह, आसिफ रज़ा, कासिम, अनवर अली और नाजिम दानिश समेत अन्य अकीदतमंद मौजूद रहे।

मोहर्रम के मौके पर पूरे रास्ते में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। अज़ादारों ने अम्न, भाईचारे और पैगाम-ए-कर्बला को आम करते हुए जुलूस में शिरकत की तथा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदान-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।
