सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सभी दोपहिया वाहनों के साथ दो ISI प्रमाणित हेलमेट अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे। इस प्रस्ताव को टू-व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का पूरा समर्थन मिला है।
भारत में हर साल 4.8 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 1.88 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवाते हैं। दोपहिया दुर्घटनाओं में हर साल 69,000 से अधिक मौतें होती हैं, जिनमें से आधी हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं। इस निर्णय से हादसों को कम करने में मदद मिलेगी। टू-व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (THMA) लंबे समय से इस नियम की मांग कर रहा था।
THMA के अध्यक्ष राजीव कपूर ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जरूरत है, जिससे कई जानें बचाई जा सकती हैं। हेलमेट निर्माता कंपनियों ने भी ISI प्रमाणित हेलमेट की उपलब्धता बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

ISI सर्टिफाइड हेलमेट भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं। इनमें ISI मार्क, 7 अंकों का लाइसेंस नंबर और IS 4151:2015 कोड मौजूद होता है, जो दोपहिया वाहनों के लिए मान्य हेलमेट का मानक है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत, भारत में ISI सर्टिफाइड हेलमेट पहनना अनिवार्य है। गैर-ISI हेलमेट पहनने पर चालान भी काटा जा सकता है। यह फैसला सड़क सुरक्षा में एक अहम बदलाव लाएगा और दोपहिया चालकों के लिए सुरक्षित सफर सुनिश्चित करेगा।
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