📍नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू, लेकिन लाभ मिलने में अभी लगेगा समय—जानिए पूरा प्रावधान
लव इंडिया, नई दिल्ली। देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू कर दिया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून अब पूरे देश में प्रभावी हो गया है।
🟦 क्या है महिला आरक्षण अधिनियम 2023

इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका मजबूत करना है।
🟨 कहां-कहां मिलेगा आरक्षण
👉 लोकसभा (संसद का निचला सदन)
👉 सभी राज्य विधानसभाएं
👉 अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) सीटों में भी महिलाओं को आरक्षण
🟥 कब से मिलेगा महिलाओं को वास्तविक लाभ

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है अभी तुरंत नहीं मिलेगा लाभ। कानून के अनुसार पहले जनगणना (Census) होगी। इसके बाद सीटों का परिसीमन (Delimitation) किया जाएगा। इसके बाद ही आरक्षण लागू होगा यानी 2029 के लोकसभा चुनाव या उसके बाद इस कानून का प्रभाव दिखने की संभावना है।
🟪 क्यों जरूरी था यह कानून
भारत की संसद में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। कई दशकों से महिला आरक्षण की मांग उठती रही है। यह कानून महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने का प्रयास है।
🟩 राजनीतिक बहस और विवाद

👉 संसद में इस कानून को लेकर जोरदार बहस हुई।
👉 कई दलों ने इसका समर्थन किया।
👉 कुछ ने OBC महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग उठाई। इसके बावजूद यह विधेयक पास होकर कानून बन गया।
🟧 कितने समय तक लागू रहेगा आरक्षण
यह आरक्षण 15 वर्षों तक लागू रहेगा।
बाद में संसद इसे बढ़ा सकती है।
🟦 बदलाव की शुरुआत या इंतजार?

यह कानून ऐतिहासिक जरूर है लेकिन इसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा असली सवाल क्या यह राजनीतिक सशक्तिकरण का बड़ा कदम बनेगा या फिर लंबे इंतजार का विषय रहेगा?
🟨 राजनीति में बड़ा संरचनात्मक बदलाव साबित हो सकता

महिला आरक्षण कानून लागू हो चुका है। लेकिन इसका असर आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। यह भारत की राजनीति में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव साबित हो सकता है
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