तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी एवम् आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आईएसटीडी के 57वें स्थापना दिवस पर स्ट्रेटेजिक लीडरशिप एंड डिसीजन मेकिंग पर राष्ट्रीय वेबिनार
लव इंडिया, मुरादाबाद। भारतीय प्रशिक्षण एवम् विकास सोसाइटी- आईएसटीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अतुल शाह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा, रणनीतिक नेतृत्व के लिए स्पष्ट उद्देश्य, टीमवर्क एवम् समयबद्ध कार्यशैली आवश्यक हैं। इनके अलावा आंतरिक प्रेरणा, सकारात्मक प्रभाव का उपयोग और सक्रिय टीम का भी होना शामिल है। आईएसटीडी का सदस्य बनाते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही श्री शाह ने सुझाव दिया, वेबिनार वार्ता का शोध पत्रों और पुस्तकों में संकलन होना चाहिए। साथ ही बोले, आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर की स्थापना मात्र 21 दिनों में हुई, यह उल्लेखनीय उपलब्धि है।

श्री शाह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी एवम् आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आईएसटीडी के 57वें स्थापना दिवस पर स्ट्रेटेजिक लीडरशिप एंड डिसीजन मेकिंग पर राष्ट्रीय वेबिनार में ऑनलाइन बोल रहे थे। टीएमयू के कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा, वर्तमान समय में प्रभावी नेतृत्व के लिए निरंतर सीखना और बदलते परिवेश के अनुरूप स्वयं को ढालना अत्यंत आवश्यक है। इससे पूर्व टिमिट के निदेशक प्रो. विपिन जैन ने वेबिनार की थीम प्रस्तुत की।
डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी- पीआईएमआर, इंदौर के कुलपति डॉ. शेर सिंह भाकर ने बतौर विशिष्ट अतिथि आधुनिक नेतृत्व के लिए बीएएनआई- ब्रिटल, एंग्ज़ायस, नॉनलाइनियर, इनकम्प्रिहेन्सिबल फ्रेमवर्क की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि संगठनों को केवल दक्ष ही नहीं, बल्कि लचीला बनना होगा।

मॉडर्न वोलैटिलिटी से निपटने के लिए सिस्टम में रेज़िलिएंस को शामिल करना और लंबे समय तक स्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी ऑपरेशन्स के लिए विकल्प होना ज़रूरी है। लीडर साफ़, ट्रांसपेरेंट डायरेक्शन, प्रायोरिटी को आसान बनाकर और मिस कम्युनिकेशन से बचाकर चिंताजनक माहौल को कम करते हैं।

टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने सभी अतिथियों एवम् प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. अमित कंसल ने कहा, सफल नेता वही है जो सीखने, भूलने और पुनः सीखने की प्रक्रिया को अपनाता है। अंत में सह-संयोजक डॉ. मोहित रस्तोगी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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