लव इंडिया, मुरादाबाद। जनपद न्यायाधीश की अदालत ने 10 साल पुराने फौजी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों दोषी मृतक जवान के करीबी दोस्त निकले, जिन्होंने विश्वासघात कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
⚖️ अदालत का सख्त रुख, उम्रकैद की सजा
जिला जज कोर्ट ने मामले में पहले ही दोनों आरोपियों को दोषी ठहरा दिया था। आज सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है।
⏳ 10 साल पुराने केस में आया फैसला
यह मामला वर्ष 2016 का है, जब बिलारी थाना क्षेत्र के राजा बाग कॉलोनी निवासी अमरजीत सिंह की निर्मम हत्या कर दी गई थी। लंबी सुनवाई के बाद अब जाकर अदालत का अंतिम फैसला सामने आया है।
👮 दोस्ती की आड़ में दिया मौत का धोखा
हत्या का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी मृतक के दोस्त ही थे। घटना की रात विशाल और विमल नाम के दोनों युवक अमरजीत के घर पहुंचे और चाय पीने के बाद उसे अपने साथ ले गए।
🔫 जंगल में ले जाकर मारी गोली
कुछ देर तक अमरजीत का कोई पता नहीं चला तो उसके चाचा वीरपाल सिंह उसे तलाशने निकले। जंगल की ओर से आवाज सुनकर जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि दोनों आरोपी अमरजीत को पकड़े हुए थे। विरोध करने पर आरोपियों ने तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
📝 एडवोकेट चाचा ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
मृतक के चाचा वीरपाल सिंह (एडवोकेट) ने बिलारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और हत्या में इस्तेमाल तमंचे बरामद किए।
🏛️ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सजा
कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान 10 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी नितिन गुप्ता व एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने पैरवी की। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोष सिद्ध करते हुए सजा सुनाई।
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