मैनाठेर बवाल केस में 16 दोषी करार देते ही ईद की खुशियां हुई गमगीन, 15 साल पहले DIG-DM और पुलिस फोर्स पर किया था खूनी हमला, कोर्ट ने 14 को जेल भेजा, सजा पर फैसला 27 मार्च को

मैनाठेर बवाल केस में 16 दोषी करार देते ही ईद की खुशियां हुई गमगीन, 15 साल पहले DIG-DM और पुलिस फोर्स पर किया था खूनी हमला, कोर्ट ने 14 को जेल भेजा, सजा पर फैसला 27 मार्च को15 साल पुराने हाई-प्रोफाइल मैनाठेर कांड में न्यायालय का बड़ा फैसला — डीआईजी पर हमले और बवाल में 16 दोषी करार

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। मुरादाबाद के बहुचर्चित 2011 मैनाठेर बवाल और डीआईजी पर जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट में मौजूद 14 दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जबकि दो आरोपी फरार हैं। अब 27 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।

⚖️ मैनाठेर बवाल केस के दोषी


1️⃣परवेज आलम पुत्र आसिफ
2️⃣मंजूर अहमद पुत्र मोहम्मद यूनुस
3️⃣मोहम्मद अली पुत्र अफसर
4️⃣हाशिम पुत्र हाजी भोलू
5️⃣मोहम्मद कमरूल पुत्र बाबू
6️⃣मोहम्मद नाजिम पुत्र मोहम्मद हुसैन
7️⃣मोहम्मद मुजीफ पुत्र नन्हें
8️⃣मोहम्मद यूनुस पुत्र मोहम्मद यूसुफ
9️⃣अंबरीष पुत्र अनवार मिस्त्री
🔟कासिम पुत्र इकबाल
1️⃣1️⃣मोहम्मद मोबीन उर्फ मोहम्मद मोहसिन पुत्र शौकत
1️⃣2️⃣मोहम्मद मुजीब पुत्र बाबू जमील उर्फ जमीर अहमद
1️⃣3️⃣तहजीब आलम पुत्र हाजी जमील
1️⃣4️⃣जाने आलम पुत्र जुम्मा

सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे दो दोषी

करीब 15 साल पुराने मैनाठेर बवाल कांड में एडीजे-2 कृष्ण कुमार की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए 16 आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट में पेश 14 आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जबकि दो दोषी सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहे।

डीआईजी और डीएम पर हमला किया था हिंसक भीड़ ने


यह मामला 6 जुलाई 2011 का है, जब मैनाठेर क्षेत्र के डींगरपुर रोड पर बवाल को शांत कराने पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह और डीएम राजशेखर पर हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया था। भीड़ ने डीआईजी को घेरकर बुरी तरह पीटा, उनकी पिस्टल छीन ली और वर्दी फाड़ दी। गंभीर रूप से घायल डीआईजी को लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा था।

साक्ष्यों के आधार पर 16 आरोपियों को दोषी पाया


घटना के दौरान भीड़ ने पुलिस चौकी, पीएसी वाहन और पेट्रोल पंप में आगजनी भी की थी। पुलिस ने इस मामले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया था। डीजीसी नितिन गुप्ता और एडीजीसी ब्रजराज सिंह के अनुसार, साक्ष्यों के आधार पर 16 आरोपियों को दोषी पाया गया।

तीन आरोपियों की हो चुकी है मौत 24 गवाहों के बयान दर्ज किए

इनमें तीन आरोपियों की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जबकि छह आरोपियों के मामले किशोर न्यायालय में लंबित हैं। मामले में 24 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें तत्कालीन डीएम राजशेखर, डीआईजी अशोक कुमार सिंह, एसएसआई जसवीर सिंह, वादी एसआई रवि कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।


⚖️ किन धाराओं में केस


धारा 147, 148, 149, 307, 336, 353, 436, 427, 395, 397 के साथ ही लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम व आपराधिक विधि संशोधन अधिनियम।

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