6 साल तक सिंचाई से वंचित किसान को राहत, उपभोक्ता आयोग ने विद्युत विभाग को ठहराया जिम्मेदार
लव इंडिया, संभल। जिले के बहजोई क्षेत्र में समय पर निजी नलकूप कनेक्शन न देने की लापरवाही विद्युत विभाग के अधिकारियों को भारी पड़ गई। जिला उपभोक्ता आयोग, संभल ने कड़ा फैसला सुनाते हुए संबंधित अधिकारियों के वेतन से लाखों रुपये की वसूली कर किसान को राहत देने के आदेश दिए हैं।

यह मामला बहजोई के ग्राम श्रीनगर कनैटा निवासी मोहन लाल से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2018 में अपने खेतों की सिंचाई के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर निजी नलकूप कनेक्शन के लिए आवेदन किया था।
⚡ क्या है पूरा मामला
किसान ने 2018 में शुल्क जमा कर आवेदन कियाविभाग ने नलकूप की किताब (कनेक्शन स्वीकृति) जारी कर दीलेकिन न तो लाइन खींची गई, न ही बिजली आपूर्ति शुरू हुईलगातार शिकायतों के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिलता रहा।
⚖️ आयोग तक पहुंचा मामला

परेशान होकर किसान ने अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।सुनवाई के दौरान विभाग ने तर्क दिया कि:उपभोक्ता चाहे तो जमा धनराशि वापस ले सकता है, या अतिरिक्त राशि जमा कर कनेक्शन लगवा सकता है। इस पर वादी पक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि विभाग ने नियमों का पालन नहीं किया। बाद में आवेदन करने वालों को कनेक्शन दे दिया गया।किसान 6 वर्षों से नुकसान झेल रहा है।
🧑⚖️ आयोग का कड़ा फैसला
जिला उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद विद्युत विभाग को दोषी मानते हुए आदेश दिया कि आदेश अनुसार ₹68,000 संबंधित अधिकारियों के वेतन से काटकर नलकूप कनेक्शन स्थापित किया जाए। दो लाख रुपये पिछले 5 वर्षों की फसल क्षति के मुआवजे के रूप में दिए जाएं। ₹5,000 वाद व्यय के रूप में भी अदा किए जाएं। इस तरह कुल वसूली ₹2,68,000 हुई।
⚠️ ब्याज का भी प्रावधान
यदि तय समय में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो 9% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

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