
लव इंडिया, मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन, मुरादाबाद पर मानवता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए जीआरपी पुलिस ने एक बेहोश परीक्षार्थी की जान बचा ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवता की सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। इसी के चलते चौतरफा का जीआरपी मुरादाबाद की तारीफ (प्रसन्शा) हो रही है।
होमगार्ड लिखित परीक्षा 2026 के दौरान रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और तेज गर्मी के कारण एक परीक्षार्थी दीपचन्द (उम्र 27 वर्ष), निवासी उसावां थाना सासनी, जिला हाथरस अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीपचन्द की हालत काफी गंभीर हो गई थी और उसकी पल्स भी तेजी से गिर रही थी।
🚨 पुलिस की तत्परता से बची जान
घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ के निर्देशन में उपनिरीक्षक जयचन्द ने बिना समय गंवाए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए परीक्षार्थी को गोद में उठाया। एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया। सरकारी वाहन से सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया।

इस दौरान उपनिरीक्षक नसीबुद्दीन, हेड कांस्टेबल दीपक बरगोती, महिला कांस्टेबल आरती सिन्धू और आरपीएफ के हेड कांस्टेबल पवनीश कुमार ने भी सहयोग किया।
🏥 डॉक्टरों ने बताया कि हालत थी गंभीर
चिकित्सकों के अनुसार दीपचन्द की पल्स काफी डाउन हो चुकी थी। यदि समय पर अस्पताल न पहुंचाया जाता, तो जान को खतरा हो सकता था। समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।
🙏 यात्रियों और परीक्षार्थी ने जताया आभार

रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जीआरपी पुलिस की इस मानवीय पहल की खुलकर सराहना की। स्वस्थ होने के बाद दीपचन्द स्वयं थाने पहुंचा और पुलिस टीम का धन्यवाद किया। पुलिस ने उसे आर्थिक सहायता देकर भोजन-पानी की व्यवस्था कर सुरक्षित रवाना भी किया।
👮 उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम

इस दौरान, प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार वशिष्ठ, उपनिरीक्षक जयचन्द, उपनिरीक्षक नसीबुद्दीन, हेड कांस्टेबल दीपक बरगोती, महिला कांस्टेबल आरती सिन्धू और हेड कांस्टेबल (RPF): पवनीश कुमार रहे।
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