Gokuldas Hindu Girls College में workshop: भारतीय चित्रकला में धार्मिक, पौराणिक एवं सामाजिक जीवन की गहन झलक

लव इंडिया, मुरादाबाद। गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज, मुरादाबाद में उत्कर्ष ललित कला अकादमी के सहयोग से चित्रकला विभाग एवं गृह विज्ञान विभाग द्वारा संचालित 15 दिवसीय कार्यशाला के दसवें दिन छात्राओं को विभिन्न कला माध्यमों जैसे जल रंग, एक्रेलिक, चारकोल स्टिक आदि से मुखाकृति निर्माण, दृश्य चित्रण एवं एब्स्ट्रेक्ट आर्ट का डेमोंसट्रेशन दिया गया। साथ ही प्राइमरी, सेकेंडरी एवं टेरिटरी रंगों की जानकारी देते हुए उन्हें व्यावहारिक रूप से भी प्रदर्शित किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्या प्रो. चारु मेहरोत्रा जी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी प्रिया अग्रवाल ने सरस्वती मां के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कला का जन्म मनुष्य के जन्म के साथ ही माना जाता है।प्रागैतिहासिक काल में आदिमानव ने अपनी भावनाओं और जीवन के अनुभवों को गुफाओं की दीवारों पर उकेरा, जो आज भी कला के जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्राचीन भारतीय चित्रकला में धार्मिक, पौराणिक एवं सामाजिक जीवन की गहन झलक देखने को मिलती है।

समाजसेविका एवम प्रदेश अध्यक्ष मोर्चा भाजपा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की अध्यक्षा प्रिया अग्रवाल ने छात्राओं के कार्य को देखकर मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए मुरादाबाद में एक आर्ट गैलरी बनवाने का वादा भी किया ।
मुरादाबाद की कलाकार श्रीमती सरिका राय ने छात्राओं को जल रंग, चारकोल एवं एक्रेलिक माध्यम से पोर्ट्रेट, दृश्य चित्रण व एब्स्ट्रेक्ट आर्ट बनाना सिखाया तथा चारकोल से शेडिंग की तकनीक भी समझाई।


कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रेमलता कश्यप ने कला को मानव जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि कला के बिना जीवन नीरस प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि कला केवल चित्र, मूर्ति या संगीत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के हर रूप में विद्यमान है—सूर्योदय और सूर्यास्त, फूलों की कोमलता, पक्षियों का मधुर संगीत, नदियों की कलकल और पर्वतों की विशालता—सभी कला के अद्भुत स्वरूप हैं।गृह विज्ञान विभाग की ओर से श्रीमती तबस्सुम एवं यशिका प्रजापति का विशिष्ट सहयोग रहा।


इस अवसर पर महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएँ—प्रो. किरण साहू, प्रो. मीनाक्षी शर्मा, प्रो. अनुराधा सिंह, प्रो. आंचल गुप्ता, प्रो. अपर्णा जोशी, प्रो. सीमा गुप्ता,प्रो. वंदना पांडे प्रो. सुदेश, प्रो. प्रवीण, प्रो. करुणा आनंद, डॉ. शैफाली अग्रवाल, डॉ. सीमा मालिक, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. सविता, डॉ. प्रज्ञा मित्तल एवं शिवानी गुप्ता प्रेरणा शर्मा उपस्थित रहीं। छात्राओं में छवि, बुशरा, मुंतहा एवं सानिया ईरतिका हाशमी , फरिया सोहेल अलीशा आशी आदि की प्रस्तुति विशेष रूप से सराहनीय रही।

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