Moradabad Railway Division: हादसे में मृत कर्मचारी के परिवार को ₹1.08 करोड़, जानें क्या है रेलवे सैलरी पैकेज स्कीम और कैसे मिलता है लाभ…

लव इंडिया, मुरादाबाद। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल में एक संवेदनशील और सराहनीय पहल के तहत सड़क दुर्घटना में दिवंगत कर्मचारी स्वर्गीय हेमराज के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। रेलवे सैलरी पैकेज स्कीम के अंतर्गत एक करोड़ आठ लाख रुपये का चेक उनकी पत्नी श्रीमती शारदा को सौंपा गया।

डीआरएम की मौजूदगी में मिला चेक

यह चेक मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती विनीता श्रीवास्तव और प्रवर मंडल कार्मिक अधिकारी श्री अभिषेक ठाकुर की उपस्थिति में, एक्सिस बैंक शाखा चंदौसी द्वारा मंडल कार्यालय में प्रदान किया गया।डीआरएम ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “मुरादाबाद मंडल पूरे परिवार के साथ खड़ा है।”

कैसे हुआ था हादसा

स्व. हेमराज क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान, चंदौसी में कार्यालय खल्लासी पद पर कार्यरत थे। 02 नवंबर 2025 को सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया।

कैसे मिला ₹1.08 करोड़ का लाभ

स्व. हेमराज का खाता रेलवे सैलरी पैकेज स्कीम के तहत एक्सिस बैंक में था। इस स्कीम के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर बैंक बीमा कवर देता है। रेलवे और बैंक के समन्वय से प्रक्रिया पूरी कर परिवार को ₹1.08 करोड़ की राशि प्रदान की गई।

क्या है रेलवे सैलरी पैकेज स्कीम..?

रेलवे सैलरी पैकेज स्कीम (RSP) एक विशेष बैंकिंग सुविधा है, जो सभी रेलवे कर्मचारियों को दी जाती है।यह स्कीम आमतौर पर सरकारी/बैंक टाई-अप के जरिए दी जाती है। रेलवे के कर्मचारियों का वेतन इसी खाते में आता है। इसके साथ कई अतिरिक्त फायदे मिलते हैं।

इस स्कीम के मुख्य लाभ

दुर्घटना बीमा कवर (Accidental Insurance)। प्राकृतिक मृत्यु पर भी वित्तीय सहायता (कुछ शर्तों पर)। ओवरड्राफ्ट/लोन की सुविधा। मुफ्त/कम शुल्क वाली बैंकिंग सेवाएं। डेबिट कार्ड, चेकबुक आदि सुविधाएं

सबसे बड़ा फायदा

बैंक/प्लान के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने पर करोड़ों तक का बीमा कवर मिल सकता है।

इसका लाभ कैसे लें Step-by-Step..?

1. रेलवे कर्मचारी कोसंबंधित बैंक (जैसे Axis Bank, SBI आदि) मेंSalary Package Account खुलवाना होता है।

2. खाते कोरेलवे सैलरी से लिंक कराया जाता है।

3. बैंक द्वाराकर्मचारी को बीमा कवर और अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।

4. दुर्घटना/दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति मेंपरिवार बैंक में क्लेम करता हैआवश्यक दस्तावेज (मृत्यु प्रमाण पत्र, FIR आदि) जमा होते हैंसत्यापन के बाद भुगतान किया जाता है।

ध्यान देने वाली बातें…

सभी कर्मचारियों को यह सुविधा अपने-आप नहीं मिलता। यह बैंक और स्कीम के प्रकार पर निर्भर करती है। समय पर KYC और खाते की सक्रियता जरूरी होती है।

रेलवे और बैंक का समन्वय बना मिसाल

इस मामले में मुरादाबाद मंडल और एक्सिस बैंक के बीच बेहतर समन्वय के चलते परिवार को समय पर बड़ी आर्थिक सहायता मिल सकी, जो अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक जागरूकता का संदेश है।

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