बरेली की विश्व प्रसिद्ध Khanqah-e-Niyaziya में जश्न-ए-चिरागा, उमड़ी भीड़

निर्भय सक्सेना, लव इंडिया, बरेली। विश्व प्रसिद्ध बरेली की खानकाह ए नियाजिया में वर्षों पुरानी जश्न ए चिरागा की परंपरा आज भी जारी है। हजरत गौस पाक के नाम से होने वाले जश्न ए चिरागा में शुक्रवार को इसका दृश्य इस बार भी अदभुत रहा। कार्यक्रम में हजारों की भीड़ उमड़ी।

शांत भीड़ लंबी लाइन में अपनी बारी का इंतजार करती रही। जश्न ए चिरागा में मुस्लिम ही नहीं हिन्दू समाज के लोग भी इसमें हर बार की भांति शामिल हुए। महिला पुलिस ने भीड़ को लाइन में आने के लिए कड़ी मेहनत की।

खानकाह आलिया ए नियाजिया में जुनेदी मियां ने जश्न ए चिराग में आने वाले लोगों का स्वागत किया। कमिश्नरी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुबोध जौहरी एवं उनकी भारत सेवक समाज की टीम भी व्यवस्था में मौजूद रही।

खानकाह ए नियाजिया बरेली में एक महत्वपूर्ण सूफी केंद्र है जिसकी स्थापना वर्ष 1773 में शाह नियाज अहमद बरेलवी ने की थी और यह सूफीवाद और धार्मिक शिक्षा का एक बड़ा केंद्र है।

इस खानकाह में देश के नामी विभिन्न घरानों के शास्त्रीय कलाकार आकर अपनी मुराद पूरी करते हैं । शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, तबला वादक जाकिर हुसैन, शुभा मुद्ग़ल के अलावा 50 से अधिक पद्मश्री, पदम विभूषण संगीतज्ञ आदि भी इस खानकाह पर आकर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। खानकाह ए नियाजिया सूफी घरानों के संगीत का प्रसिद्ध केंद्र है जो हर समाज को आकर्षित करता है।

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