लव इंडिया, मुरादाबाद। महानगर में शिक्षा व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं को लेकर बढ़ती मनमानी के खिलाफ शिवसेना ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रशासन को घेरा। संगठन ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया और गैस एजेंसियों की कालाबाजारी से आम जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है, जिस पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के महानगर पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा माफियाओं और गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए गए।
ज्ञापन में कहा गया कि निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाकर केवल निर्धारित दुकानों से महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। किताबों को कोर्स में शामिल कर कार्टेल सिस्टम बनाया गया है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और अभिभावकों का शोषण हो रहा है।
शिवसेना ने आरोप लगाया कि जिले में गैस एजेंसियों द्वारा खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है। सिलेंडर 15 रुपए से दो हजार रुपए तक बेचे जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि लगातार शिकायतों के बावजूद आपूर्ति विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सड़क पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन शिवसेना (उद्धव गुट) के महानगर सचिव अरुण ठाकुर द्वारा सौंपा गया।

इस दौरान, जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा, शिबू पांडेय,आकाश, राजपाल बादाम सिंह, कार्तिक कश्यप, मयंक सैनी, अमर सैनी, अनिल सैनी, दीपक शर्मा, दीपक सक्सेना, महेश राजपूत, बिट्टू सैनी, विक्की कश्यप, भूपेंद्र बिष्ट व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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