लव इंडिया, मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिजनौर दौरे से पहले मुरादाबाद हवाई अड्डे पर ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा और उनके समर्थकों को पुलिस प्रशासन द्वारा अलग-अलग घर पर ही रोक दिए जाने का मामला सामने आया है। शिवसेना नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।

शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को बिजली दरों में बढ़ोतरी, बिजली कटौती, भ्रष्टाचार, दूषित पेयजल और अन्य जनहित के मुद्दों से संबंधित ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय था। इसके लिए संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तैयारी कर रहे थे, लेकिन सुबह ही पुलिस प्रशासन ने उन्हें घर पर ही नजरबंद कर दिया।
वीरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि जनहित के मुद्दों को उठाना किसी भी लोकतांत्रिक संगठन का अधिकार है। यदि प्रशासन जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगा तो शिवसेना इसका विरोध करेगी और आम जनमानस की समस्याओं के लिए सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगा और प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगा। शिवसेना जिला प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें उठाने वालों को रोकने का काम कर रहे हैं।
इस दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं ने भी नजरबंदी का विरोध किया और इसे अलोकतांत्रिक कदम बताया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका दायित्व है और वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।

अलग-अलग विरोध कार्यक्रम के दौरान कमल सिंह राव, अरुण ठाकुर, उमेश ठाकुर, राहुल सिंह, सुरेश सैनी, नितेश, आकाश, महेंद्र सैनी सहित अन्य शिवसेना कार्यकर्ता मौजूद रहे। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।