Shri Kalki Sena का 33वें Foundation Day पर 24 घंटे का अखंड संकीर्तन

लव इंडिया, संभल। आज श्री कल्कि (सेना निष्कलंक) के 33 वें स्थापना दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रमानुसार प्रथम दिन प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर, कोट पूर्वी में श्री कल्कि भगवान के महामंत्र का 24 घंटे का अखंड संकीर्तन प्रारंभ हुआ। संगठन के 33 वर्ष के इन गौरवशाली क्षणों को हम भगवान श्री कल्कि के उत्सव के रूप में मना रहे हैं।


इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप कुमार गुप्ता ने संगठन के स्थापना का उद्देश्य बताते हुए कहा आज प्रथम दिन श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल) के 33 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाया जा रहा है।

आज से 33 वर्ष पूर्व जब संगठन की स्थापना की गई, तो उसका मुख्य उद्देश्य धर्म रक्षार्थ – राष्ट्र हितार्थ श्री कल्कि सेना का संदेश पावन मानस सुखमय देश, श्री कल्कि सेना की यह रीत– प्रभु की भक्ति राष्ट्र से प्रीत और श्री कल्कि सेना का विश्वास धर्म ध्वजा चढ़े आकाश साथ ही अतिशीघ्र सवा लाख कल्कि सैनिक संगठन का हिस्सा बनेंगे।

आज 33 वर्ष पूर्ण होने पर संगठन निरंतर सफलतापूर्वक अपने उद्देश्यों को पूर्ण कर रहा है। आज का दिन उन समस्त कल्कि सैनिकों के लिए गौरवान्वित करने वाला दिन है जो इस संगठन से जुड़े हुए हैं।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि संगठन के स्थापना दिवस के प्रथम दिन आज भगवान श्री कल्कि के महा पुण्यदायी मंत्र जय कल्कि जय जगत्पते- पद्ममापति जय रमापते
का 24 घंटे का अखंड संकीर्तन आज दोपहर 2:00 बजे प्रारंभ होकर कल दोपहर 2:00 तक निरंतर चलता रहेगा ।

उन्होंने मंत्र के बारे में बताया कि इस फलदायिनी मंत्र का जाप करने से कई लाभ होते हैं। यह मंत्र भगवान विष्णु के अवतार कल्कि का स्मरण कराता है, इसके जाप से धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है, समस्याओं से मुक्ति मिलती है और भविष्य में आने वाली मुश्किलों से सुरक्षा मिलती हैं।
कल्कि भगवान को अधर्म का नाश करने वाला माना जाता है। इसलिए, इस मंत्र का जाप करने से धर्म के प्रति आस्था बढ़ती है और व्यक्ति अधर्म से दूर रहता है। कल्कि भगवान को भविष्य का अवतार माना जाता है।


इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं और उसे सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है। संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री गगन वार्ष्णेय ने बताया कि स्थापना दिवस के इस दो दिवसीय कार्यक्रम में आज दिल्ली, मैनपुरी, इटावा, सुन्नामई और अन्य जगहों से कल्कि भक्त पधार चुके हैं। इन सभी की ठहरने,भोजन और जलपान की व्यवस्था संगठन द्वारा मंदिर में ही की गई है ।

इस दौरान पंडित महेंद्र प्रसाद शर्मा, हिमांशु कश्यप उज्ज्वल सक्सेना, सुभाष खन्ना, गगन वार्ष्णेय, कुलदीप गुप्ता, नवीन सक्सेना, प्राज्ञय शर्मा, अनुज शर्मा, यश गुप्ता, रेखा शर्मा, अनुराग रस्तोगी, किरण शर्मा, शशि शर्मा, क्षमा गुप्ता, नीरू,अरुणा, कुसुम, संजू कश्यप, ललित ठाकुर, विकास कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।

http://www.induclay,comINDUSCLAY

LAUNCHING SOON!

error: Content is protected !!