
लव इंडिया, मुरादाबाद। मुरादाबाद में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसील प्रशासन की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनी कई बाउंड्री वॉल को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में भाजपा के मेयर विनोद अग्रवाल, उनके सहयोगियों और एक स्थानीय भाजपा नेता से जुड़े लोगों की जमीन पर बनी बाउंड्री भी हटाई गई, जिससे शहर की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल की जमीन पर कार्रवाई

प्रशासन के अनुसार नेशनल हाईवे बाईपास के पास धिमरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए करीब छह एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने जब निर्माण के लिए चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया तो वहां कुछ लोगों द्वारा बाउंड्री बनाकर कब्जा किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद तहसील की राजस्व टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया।
मेयर समेत कई लोगों की बाउंड्री पर चला बुलडोजर

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान जिन जमीनों पर बाउंड्री तोड़ी गई, उनमें मेयर विनोद अग्रवाल के अलावा उनके कारोबारी सहयोगी संजय रस्तोगी और भाजपा नेता ऋषिपाल चौधरी के भाई अमित चौधरी से जुड़ी जमीन भी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह सभी बाउंड्री उस जमीन पर बनाई गई थीं जिसे सरकारी परियोजना के लिए चिन्हित किया गया था।
मेयर का आरोप – बिना नोटिस की गई कार्रवाई

मेयर विनोद अग्रवाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने करीब दस साल पहले यह जमीन एक स्थानीय व्यक्ति से खरीदी थी और इसके दस्तावेज भी उनके पास मौजूद हैं। मेयर का आरोप है कि ध्वस्तीकरण से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और कुछ अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई कराई है।
पहले भी परियोजना को लेकर हुआ था विवाद

बताया जा रहा है कि इससे पहले पंडित नगला बाईपास परियोजना के दौरान भी इसी इलाके को लेकर विवाद सामने आया था। उस समय भी निर्माण एजेंसियों को काम रोकना पड़ा था क्योंकि परियोजना की प्रस्तावित सर्विस रोड के बीच में निजी निर्माण होने की बात सामने आई थी।
बेटे और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी बहस

बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मेयर के बेटे अंकुर अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रशासनिक टीम और उनके बीच तीखी बहस हुई। अंकुर अग्रवाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्रवाई के आदेश के बारे में सवाल भी किए।
प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि राजस्व विभाग की टीम का कहना है कि कार्रवाई सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए की गई है।
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