Prayagraj Maha Kumbh में मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे 10 करोड़ सनातनी

लव इंडिया, प्रयागराज। मौनी अमावस्या पर लगभग 10 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ-2025 में स्नान के लिए पहुंचे हैं। इसके लिए 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में अस्थाई घाट बनाए गए हैं। जहां पर श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।

चूंकि, श्रद्धालुओं की व्यापक भीड़ है। ऐसे में शासन प्रशासन की तमाम चौकसी है। बावजूद इसके एक घाट पर भगदड़ की अफवाह के बीच कुछ अव्यवस्था हो गई और सकुशलता की चाह में कुछ लोगों के भगदड़ में घायल होने और कई के स्वर्ग जाने की सूचना भी आ रही है लेकिन शासन- प्रशासन ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है क्योंकि दोनों की ही मंशा पहले श्रद्धालुओं की कुशलता है।

मालूम होकि योगी सरकार के निर्देश पर मेला प्रशासन ने मौनी अमावस्या पर लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में अतिरिक्त अस्थाई घाट बनाए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इस बीच लव इंडिया नेशनल भी आपसे यह आग्रह करता है कि विश्व व्यापी आयोजन महाकुंभ के बारे में तथाकथित लोगों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान ना दें और ना ही इन्हें सोशल मीडिया लाइक या शेयर करें क्योंकि यह आयोजन सनातन धर्म का एक ऐसा महा आयोजन है, जिसकी परिकल्पना करना किसी अन्य देश के लिए संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा अफवाह पर ध्यान ना दें

मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहन अफवाह पर ध्यान ना दें

इस बीच मुख्यमंत्री सीएम योगी ने बताया कि महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। प्रयागराज में आज लगभग 8-10 करोड़ श्रद्धालु मौजूद हैं। कल लगभग 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने महाकुंभ का स्नान किया था। श्रद्धालुओं के संगम नोज पर जाने से भारी दबाव बना हुआ है। रात 1-2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेड्स को फांद कर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हैं। प्रशासन स्थानीय स्तर पर श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान कराने के लिए लगातार लगा हुआ है… प्रधानमंत्री मोदी प्रात: से लगभग 4 बार श्रद्धालुओं के बारे में जानकारी ले चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी प्रात: से ही श्रद्धालुओं के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं… प्रयागराज में हालात वर्तमान में नियंत्रण में हैं लेकिन भीड़ का दबाव बहुत बना हुआ है। संतों के साथ भी मेरी बात हुई है, उन्होंने बड़ी विनम्रता से कहा है कि पहले श्रद्धालु स्नान करके निकल जाएंगे उसके बाद ही हम स्नान के लिए संगम की तरफ करेंगे। सभी अखाड़े इसके लिए सहमत हैं। लोगों से अपील है कि अफवाह पर ध्यान न दें। संयम से काम लें। ये आयोजन लोगों का है। प्रशासन उनकी सेवा के लिए लगा है। सरकार मजबूती के साथ हर प्रकार का सहयोग करने के लिए तत्पर है… आवश्यक नहीं है कि संगम नोज की तरफ ही आएं। 15-20 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी घाट बनाए गए हैं, आप जहां पर हैं वहीं पर स्नान करें।

हेमा मालिनी ने भी किया महाकुंभ में स्नान

प्रयागराज: सांसद हेमा मालिनी ने मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ में पहुंचकर पावन स्नान किया। उन्होंने कहा, “महा स्नान के शुभ अवसर पर मुझे यहां पावन स्नान करने का अवसर मिला। ये मेरा सौभाग्य है। बहुत अच्छा लगा। करोड़ों लोग आए हुए हैं।”

आप खुद सुनिए हेमा मालिनी ने क्या कहा स्नान के बाद पवित्

साधु-संत ही हिंदूराष्ट्र भारत के सच्चे पथप्रदर्शक हैं। यदि हम पुनः विश्वगुरु बनना चाहते हैं, तो हमें उनके द्वारा प्रदर्शित मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।

कुंभ में भगदड़ के बाद श्रद्धालुओं की मौत पर बोले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी- भीड़ की वजह से मैने संगम घाट पर नहीं बल्कि गंगा घाट पर स्नान किया। अगर आप कहीं भी गंगा या यमुना में स्नान करेंगे तो आपको वही फल प्राप्त होगा जो संगम में नहाकर होगा।

महाकुंभ में श्रवण कुमार

त्रिवेणी संगम में कुंभ मेला से ऐसी छवि आ रही है न, आँखें भीगा दें। 144 साल में बनें संयोग को कोई भी चूकना नहीं चाहता है। इसलिए संगम में डुबकी लगा लेने की कोशिश है।

अम्मा को कंधे पर बैठाकर बहू दौड़ रही है, इस फोटो को देखकर यकायक श्रवण कुमार की कथा स्मरण हो जाती है। कि कलयुग के बदलते दौर में कैसे पुण्य लेने को सुंदर जुगलबंदी देखने को मिल रही है। वरना तो वेस्टर्न कल्चर ने तो ऐसे ऐसे दृश्य दिखाए है कि बुजुर्गों को वृद्धाश्रम छोड़कर चले आते है। इसके पीछे बहू की अहम कारण होती है। इस फोटो को देखकर आँखें नम हो जाएगी। कुछ सिस्टम वाले कुंभ में भी ऐसा कुछ तलाश रहे है ताकि विपरीत माहौल बना सके।

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