
मुरादाबाद। रेलवे मनोरंजन सदन में बंगाली एसोसिएशन मुरादाबाद द्वारा श्री दुर्गा पूजा में विसर्जन के मौके पर बंगाली समाज से जुड़ी महिलाओं ने जमकर सिंदूर खेला।

श्री दुर्गा पूजा का महत्व
- देवी दुर्गा की आराधना: दुर्गा पूजा देवी दुर्गा की आराधना का त्योहार है, जिसमें उनकी शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक है।
- असत्य पर सत्य की जीत: दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जैसा कि देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था।
- सामाजिक एकता: दुर्गा पूजा के दौरान लोग एकजुट होते हैं और सामाजिक एकता का प्रतीक बनते हैं।
विसर्जन का महत्व

- देवी की विदाई: विसर्जन देवी दुर्गा की विदाई का प्रतीक है, जिसमें उनकी प्रतिमा को जल में विसर्जित किया जाता है।
- जीवन चक्र का प्रतीक: विसर्जन जीवन चक्र का प्रतीक है, जिसमें जन्म, जीवन और मृत्यु का चक्र चलता रहता है।
- पुनरागमन की कामना: विसर्जन के दौरान लोग देवी दुर्गा के पुनरागमन की कामना करते हैं और अगले वर्ष फिर से उनकी पूजा करने का संकल्प लेते हैं।

श्री दुर्गा पूजा और विसर्जन का महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक है। यह त्योहार देवी दुर्गा की आराधना, सामाजिक एकता और जीवन चक्र का प्रतीक है। विसर्जन के दौरान लोग देवी दुर्गा के पुनरागमन की कामना करते हैं और अगले वर्ष फिर से उनकी पूजा करने का संकल्प लेते हैं।

इस मौके पर आकांक्षा, रुना राय, मधुमिता, म़ौमित, बासु, रिंकू, अध्यक्ष एके बनर्जी, सचिव सौरभ चंद्रवती, अरुण कुमार भट्टाचार्य, सु कुमार घोष व अन्य बंगाली समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे।
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