लव इंडिया मुरादाबाद। सऊदी अरब से पेट में सोना लेकर आने वाले छह तस्कर और उनके चालक का अपहरण करने वाले दो छात्रों की अदालत में जमानत खारिज कर दी।
यह मामला इसी साल के मई माह का है और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और रामपुर जिले से जुड़ा हुआ है। मई माह में शुक्रवार को रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र निवासी शाने आलम, मुतल्लिब, अजरूद्दीन एवं जुल्फिकार दुबई से और नावेद एवं जाहिद सऊदी अरब से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से कार से रामपुर लौट रहे थे। रास्ते में मूंढापांडे थाना क्षेत्र के पास कुछ बदमाशों ने खुद को जांच अधिकारी बताकर कार रुकवाई। उन्हें कार से उतारकर पूछताछ करने लगे। इसके बाद उन्हें कथित जांच के बहाने जंगल में ले जाया गया, जहां बंदूक की नोंक पर धमकाया कि उनके पेट चीरकर सोना निकाला जाएगा। इस बीच चालक जुल्फिकार भाग निकला। उसने स्थानीय ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों और पुलिस के पहुंचने पर बदमाश भाग निकले। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो बदमाश तौफिक उर्फ तुफैल और रजा चौधरी को गिरफ्तार किया गया था।
तभी से अपहरणकर्ता तौफिक उर्फ तुफैल और रजा चौधरी जेल में हैं। इन्होंने जमानत के लिए अदालत में अर्जी लगाई थी। अपर जिला जज (दशम) जितेंद्र सिंह ने अर्जी पर सुनवाई की और दोनों पक्षों को सुना। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने कानूनी तर्क रखा और कहा कि यह गंभीर मामला है। पूरा मामला सोना की तस्करी से जुड़ा हुआ है ऐसे में आरोपियों को जमानत दिया जाना न्याय उचित नहीं होगा। इस पर अपर जिला जज जितेंद्र सिंह ने अपहरण के दोनो दोनों आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में शुक्रवार रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब सऊदी अरब से लौट रहे छह युवकों और उनके चालक का दिल्ली-लखनऊ हाइवे पर अपहरण कर लिया गया। हालांकि, यह मामला तब और चौंकाने वाला बन गया जब पता चला कि इनमें से चार युवकों के पेट में सोने की गोलियां छिपाकर तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद न केवल अपहरणकर्ताओं को दबोचा, बल्कि चारों तस्करों के पेट से सोना बरामद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अब यह मामला खासी चर्चा में आ गया है।
रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र निवासी शाने आलम, मुतल्लिब, अजरूद्दीन एवं जुल्फिकार दुबई से और नावेद एवं जाहिद सऊदी अरब से पेट में सोना तस्करी करते थे पुलिस ने दोनों अपना कर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद उपरोक्त तस्करों को अपनी निगरानी में ही अस्पताल में भर्ती रखा था और बाद में बिना ऑपरेशन के ही उनके पेट से सोना निकलवाया था जो एक किलो से अधिक था और इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपए से अधिक थी। सोना तस्करी करने वाले यह लोग अभी जेल में ही हैं।
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