तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के यूजी/पीजी स्टुडेंट्स और रिसर्चर्स को मिलेगी आधुनिक इम्प्लांटोलॉजी की ट्रेनिंग, एक्सपर्ट्स के व्याख्यान, वर्कशॉप और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण से निखरेगा क्लिनिकल कौशल
लव इंडिया मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर ने दंत चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक क्लिनिकल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साउथ कोरियन कंपनी ओस्टेम इम्प्लांट के साथ एमओयू हुआ है। उल्लेखनीय है, ओस्टेम इम्प्लांट 1997 में स्थापित साउथ कोरियन कंपनी है। इसकी यूनिट मुबंई में भी है। यह कंपनी विश्व की चुनिंदा डेंटल इम्पांट मैन्युफैक्चरर कंप्नीज़ में शुमार है।
इस मौके पर वीसी प्रो. वीके जैन, डीन अकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, असिस्टेंट डायरेक्टर अकेडमिक्स डॉ. नेहा आनन्द डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप तांगड़े, वाइस प्रिंसिपल डॉ. अंकिता जैन, डिपार्टमेंट ऑफ प्रोस्थोडोंटिक्स के एचओडी डॉ. शलभ कुमार, ओस्टेम की ओर से श्री भूषण सिंह की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। टीएमयू की ओर से ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तोगी, जबकि ओस्टेम इम्प्लांट इंडिया की ओर से चीफ सेल्स ऑफिसर श्री हरनीत सिंह ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत शैक्षणिक और औद्योगिक सहयोग के जरिए डेंटल स्टुडेंट्स को आधुनिक डेंटल इम्प्लांटोलॉजी की तकनीकों और उपचार पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
एमओयू से स्टुडेंट्स और फैकल्टीज़ के लिए एक्सपर्ट्स लेक्चर्स, वर्कशॉप, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, डेमोंस्ट्रेशन, विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के जरिए स्टुडेंट्स को इम्प्लांट डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और आधुनिक उपचार प्रणालियों की जानकारी मिलेगी। डेंटल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्रिंसिपल प्रो. प्रदीप तांगड़े और वाइस प्रिंसिपल डॉ. अंकिता जैन ने कहा, एमओयू का विशेष फोकस डेंटल इम्प्लांट की प्लानिंग, सर्जिकल तकनीकों, प्रोस्थेटिक रिहैबिलिटेशन और आधुनिक इम्प्लांट सिस्टम की कार्यप्रणाली को समझना है।
फैकल्टीज़ को विशेषज्ञों के साथ संवाद और प्रशिक्षण से अपने ज्ञान एवम् क्लिनिकल कौशल को अद्यतन करने का अवसर मिलेगा। एमओयू से शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलने के साथ अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। आधुनिक इम्प्लांटोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करने से स्टुडेंट्स को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।