लव इंडिया, मुरादाबाद । मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने युग हॉस्पिटल के तीन डॉक्टर रईस अहमद और डॉक्टर अभिषेक मित्तल, डॉक्टर याशिका और एक महिला डाॅक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

महानगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हरथला विद्या नगर निवासी अरबाज के प्रार्थनापत्र पर लंबी सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए है। कोर्ट में याचिका दायर करते हुए बताया कि माता सबीना का ऑपरेशन आशियाना स्थित युग हॉस्पिटल में सन 20 22 में कराया था। आरोपी ने बताया कि दो माह तक ऑपरेशन के बाद भी उनकी माता की तवीयत ठीक होने की जगह और बिगड़ने लगी। उन्होंने जब अन्य डॉक्टर को अपनी माता को दिखाया तब पता चला कि युग हॉस्पिटल में जो ऑपरेशन उनकी माता का किया गया था। वह ऑपरेशन ही डॉक्टरों द्वारा गलत कर दिया गया है।

जब इस बात की शिकायत हॉस्पिटल के डॉक्टरों से की तब उन्होंने गलती मानने की जगह हॉस्पिटल के स्टाफ व डॉक्टरों रहीस अहमद, अभिषेक मित्तल और याशिका ने चुप रहने को कहते हुए कहा अगर किसी से कोई शिकायत की तब उसे जान से मार दिया जाएगा । कोर्ट ने थाना सिविल लाइन पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश दिया। युवती सहित तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत दर्ज कराई गई। इस रिपोर्ट में अरबाज पुत्र इदरीश निवासी विधा नगर हरथला थाना सिविल लाइंस ने कहा है कि एक दिन उसकी मां श्रीमती सबीना की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसने पड़ोस की डॉक्टर रुकसार को अपने घर बुलाया। मां की जांच के बाद अरबाज को गोल्डन डायनेस्टी आशियाना मुरादाबाद में जांच के लिए भेजा। जांचें कराईं और उन्हें 16 मई 2022 को दिखाया। जांच कराने के बाद उसने बताया कि उसकी मां बीमार है। हमसे कहा कि तुम्हारी सही से जांचे युग हास्पिटल के संचालक रहीस अहमद पुत्र नामालूम निवासी मिलक मोरा मुस्ताकम निकट बड़ी मस्जिद, थाना सिविल लाइंस देंखेंगे। हमने इन्हे जांच दिखाई इन्होने जांच देखकर कहा कि तुम्हारी माता की बच्चेदानी मे रसौली है। इसका आपरेशन कराना बहुत जरूरी है वरना तुम्हारी माता की जान भी जा सकती है। ऑपरेशन में क्या खर्च आयेगा… पूछने पर कहा सब खर्च पचास हजार रूपये आयेगा।16 मई 2022 को 50,000/- नकद दे दिये। इन्होने अपने युग हस्पिटल एचआईजीए-2 निकट न्यूरोन हस्पिटल आशियाना थाना सिविल लाईन्स, जिला मुरादाबाद में भर्ती कर माता समीना का ऑपरेशन डक्टर अभिषेक मित्तल व डाॅ. याशिका से अपने हस्पिटल में करा दिया। दिनांक-20.05.2022 को इन्होने हमें अपने हस्पिटल से डिस्चार्ज कर कोई बिल डिस्चार्ज पर्चा नहीं दिया। केवल डक्टर को दिखाये गये पर्चे दे दिये। मेरी माता को डिस्चार्ज होने के उपरान्त से ही पेशाब के रास्ते से पस आना शुरू हो गया था। मैने डाक्टर रहीस को बताया कि मेरी माता के पेशाब के रास्ते से पस आ रहा है। इन्होने कहा की तुम 28मई 2022 को मेरे अस्पताल में आना। मैं तब ही चैक करके की बताउँगा कि पस क्यों आ रहा है मैं अपनी माता को उसी दिन इसके हस्पिटल में दिखाने ले गया। इन्होने डाक्टर अभिषेक मिततल व डाॅक्टर याशिका को दिखलाया।

इन्होने बताया कि हम दवा दे देते हैं, ये ठीक हो जायेगी। हम दवा लेकर अपने घर आ गये। फिर भी पेशाब के रास्ते से पस आना बन्द नही हुआ। लगातार जब पस आता रहा हमने फिर डाॅक्टर रहीस से कहा तो इन्होने कहा धीरे-धीरे सही हो जायेगा। फिर 14 जुलाई 2022 को माताजी के पेशाब के रास्ते से गोजपीस/कोटन का पीस बाहर निकलकर आया। इसकी ऑडियो-विडियो मेरे पास मौजूद है और उसी दिन से पेशाब के रास्ते से लेट्रीन आनी भी शुरू हो गई। इस मन्जर को देखकर हम व हमारी माता घबरा गयी और मेरी माता मरणासन्न स्थिति में आ गई। मैने डक्टर रहीस अहमद को से बात की तो इन्होने कहा कि मैं तुम अस्पताल दिखाने आ जाओ। मैं अनन-फनन में इनके अस्पताल पहुँचा। इन्होने मेरी माता को देखकर इलाज किया और प्रत्येक दिन मेरी माता की मरम पटटी करने के लिए अलग-अलग कम्पाउडरो को हमारे घर पर भेज कर पटटी कराते थे। इसकी भी ऑडियों विडियों हमारे पास मौजूद है फिर भी मेरी माता जी की तबीयत सही नही हुई तो डाॅक्टर रहीस से बात की। कहा ऑपरेशन खराब करवा दिया।.मैं तुम्हारा रजिस्टेशन निरस्त करूँगा। तो इतना सुनकर डाॅक्टर रहीस अहमद आग-बबूला हो गया। इसकी भी रिकडिग मेरे पास मौजूद है। फिर इसने मेरे पास जान से मारवाने की धमकियों भिजवानी शुरू कर दी। कुछ समय के पश्यात् अपनी माता को दिनांक-15 अगस्त 2022 को चिंरजीवी हस्पिटल मुरादाबाद सिविल लाईन्स के डाक्टर एएस कोटिवाल को दिखलाया।

इन्होने देखकर तुरन्त भर्ती करने की सलाह दी और बताया कि इनकी कमर के पास से लेट्रीन का रास्ता खोला जायेगा। तभी इनको कुछ आराम मिलेगा। क्योंकि युग हस्पिटल के डक्टरों की लापहरवाही से ऑपरेशन खराब हो चुका है और पेट में छुटे कोटन से पेट के अन्दर मस गल गया है। जिसमें टाके लगने सम्भव नहीं है। अब लेट्रीन का नया रास्ता बनाया जायेगा। फिर इस रास्ते को बन्द कर तीसरा ऑपरेशन किया जायेगा। मैने इतना सुनते ही अपने माता को यहाँ पर भर्ती करा दिया डाक्टर साहब ने दिनांक 17 अगस्त 2022 को माता का ऑपरेशन कर दिया और दिनांक-29 सितंबर 2022 को डिस्सचार्ज कर दिया। अब मेरी माता कुछ सकुन से है। प्रार्थी ने इस घटना के सम्बन्ध में श्रीमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद मुरादाबाद को दिनांक-03.04.2023 को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया परन्तु इन्होने भी इसके कोई कार्यवाही नही की मजबूर होकर प्रार्थी ने श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय, मुरादाबाद को दिनांक-03.04.2023 को प्रार्थना पत्र दिया परन्तु कोई कार्यवाही नही हुई अब विवश होकर न्यायालय की शरण में आया हूँ।
इंस्पेक्टर सिविल लाइन मनीष सक्सेना ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई इस एफआईआर में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो भी सच सामने आता है। उसके हिसाब से कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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