मुरादाबाद में बढ़ी ठिठुरन: बुधवार रात को बारिश संग गिरे ओले, किसानों के चेहरे पर चिंता और उम्मीद दोनों
ठंडी हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में 27 जनवरी की सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने देर रात नया रूप ले लिया। रात लगभग 10:30 बजे तेज बारिश के साथ छोटे-छोटे ओले पड़ने लगे, जिससे मौसम अचानक और सर्द हो गया। महानगर के कई मोहल्ले में सड़कों पर पानी भर गया और ठंडी हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई।

🌧️ रात 10:30 बजे बदला मौसम का मिजाज
दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बाद रात होते-होते बारिश तेज हो गई। कई इलाकों में ओले गिरने की सूचना मिली। ओलावृष्टि के कारण वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
❄️ बढ़ी ठंड, लोग दुबके घरों में
बारिश और ओलों के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बाजारों में जल्दी सन्नाटा पसर गया और लोग अलाव व हीटर का सहारा लेते नजर आए।
🌾 किन फसलों को मिला फायदा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश कई फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है—
गेहूं
सरसों
चना
मटर
आलू
इन फसलों को नमी मिलने से उत्पादन बेहतर होने की संभावना है।
🚨 किन फसलों को हुआ नुकसान
हालांकि ओलावृष्टि से कुछ फसलों को नुकसान भी पहुंचा है—
सरसों की फूल अवस्था वाली फसल
सब्जियों की फसल (टमाटर, मिर्च, फूलगोभी)
आम और अमरूद के बौर
किसानों का कहना है कि यदि ओले ज्यादा देर तक पड़ते तो नुकसान और बढ़ सकता था।
🌱 किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
जहां एक ओर सिंचित क्षेत्रों में पानी की जरूरत पूरी होने से किसान खुश हैं, वहीं ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
🔮 मान्यता: बसंत के पहले दिन बारिश तो पूरा महीना वर्षा वाला
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित मान्यता है कि यदि बसंत ऋतु के पहले दिन बारिश होती है तो पूरे महीने बारिश के योग बनते हैं। इस बार भी बसंत से ठीक पहले हुई बारिश को लोग इसी मान्यता से जोड़कर देख रहे हैं।
📌 मौसम विभाग का संकेत
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

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