Bareilly division में भी food processing industries की अपार संभावनाएं


लव इंडिया, बरेली। बरेली मंडल में भी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में बहेड़ी में फूड पार्क भी बनाया गया है। वर्कशॉप में वक्ताओं ने कहा उत्तर प्रदेश ही नहीं देश भर में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से आत्म निर्भर उत्तर प्रदेश एवं आत्म निर्भर भारत बनेगा।

अर्बन हाट सभागार में इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन आई आई ए बरेली चैप्टर द्वारा यूपीसीडा बरेली एवं सिडवी के सहयोग से “फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री” के अलावा इण्डस्ट्रीज से जुडे़ सभी विभागों की वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में भूपेन्द्र एस चौधरी, आयुक्त बरेली मण्डल, बरेली उपस्थित रहे। साथ ही वर्कशॉप में बैंकिंग एवं सरकारी विभागों से जुड़े अधिकारी, उद्यमियों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

नोएडा, लखनऊ, बरेली पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, सम्भल, रामपुर के लगभग 200 उद्यमी उपस्थित रहें। यह वर्कशॉप उद्योगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई, जिसमें प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी, निवेश के अवसर और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त हुई। मुख्य अतिथि के रूप में आयुक्त बरेली मंडल भूपेन्द्र एस चौधरी ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न औद्योगिक नीतियों एवं उद्यम प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डाला।


आई आई ए राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने अपने संबोधन में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। दिनेश गोयल ने बताया कि आई आई ए अब इस तरह के वर्कशॉप बनारस, कानपुर मेरठ में अलग अलग क्षेत्र की इण्डस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए पूरे राज्य स्तर पर करेगी। जिसमें शुरुआत बरेली चैप्टर से की गई है। अन्य जिलों में हर माह कोई ना कोई वर्कशॉप किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश कृषि परिषद के चेयरमेन डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में ब्रांडिंग एवं वैल्यू एडिशन पर अपने अनुभव साझा किए। डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने खाद्य वस्तुओं के उत्पादन को लेकर उद्यमियों को प्रेरित किया। कि वह एग्रीकल्चर क्षेत्र से जुडे़ हुए वस्तुओं को अपनायें। गुणवत्ता एवं ब्रांडिग पर जोर दे।

उन्होंने कहा कि किसान तक सरकार की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। अब किसानों को बताया जाएगा कि उनके खेत की मिट्टी, पानी की लेब में जांच कराकर एवं जलवायु अनुसार ही अच्छे बीज को अपनाकर फसल का उत्पादन करें। किसान अपनी फसल के बाद उसके रखरखाव का वह कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ ले। “समृद्ध किसान, समृद्ध उद्यमी” से फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा।


फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री की इस वर्कशॉप का शुभारंभ बरेली चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में जल संरक्षण संकल्प लिया गया।तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत बुके देकर किया गया।


वर्कशॉप का प्रथम सत्र फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित रहा, जिसमें दिनेश गर्ग ने आलू प्रसंस्करण, नई तकनीक एवं प्रोजेक्ट संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। सिडबी महाप्रबंधक सैयद फरमान इमाम ने प्रोजेक्ट फाइनेंस पर उपयोगी मार्गदर्शन दिया। उन्होने बताया कि सोलर पैनल लगाने पर यदि सिडबी से लोन कराते है तो 2 प्रतिशत ब्याज में अतिरिक्त छूट मिलेगी। इसके अलावा आई आई ए का कोई सदस्य सिडबी से लोन कराता है उसे अतिरिक्त छूट भी मिलेगी।


द्वितीय सत्र में गौरव गर्ग ने अन्य खाद्य वस्तुओं के प्रसंस्करण, नई सब्ज़ियों के डिहाइड्रेशन एवं कोल्ड चैन प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।दिनेश गर्ग, गौरव गर्ग, चैप्टर चेयरमैन मयूर धीरवानी, चैप्टर सचिव रजत मेहरोत्रा ने भी अपने विचार साझा किए।


यूपीसीडॉ के क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार द्वारा औद्योगिक भूखंडों एवं नई परियोजनाओं की संभावनाओं पर जानकारी दी गई। जिसमें मुख्यतः पीलीभीत के बारें में जानकरी दी। भूखण्ड केवल 3100 रूपए वर्गमीटर में उपलब्ध है ।
वर्कशॉप के अंत में अंशुल सिन्हा फूड प्रोसेसिंग बरेली ने फूड प्रोसेसिंग से जुडे हुए क्षेत्र से मिलने वाली अलग अलग नीतियों के अन्दर सब्सिडी की जानकारी दी।


महाप्रबंधक डीआईसी विकास यादव भी मौजूद रहें। उन्होंने बरेली की आज की स्थिति के बारे में बताया और यह भी बताया कि बरेली के उद्योगों का राज्य की जीडीपी में बड़ा योगदान है। कई नये उद्योग बरेली में लगने वाले है।
कार्यक्रम में इन्वर्टिस विश्वविद्यालय से निदेषक मो तल्हा खान, उनकी टीम व एमबीए के लगभग 40 छात्र छात्राओं ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर विचारों को सुना । आईआईए बरेली चैयरमैन मयूर धीरवानी ने बताया कि आईआईए की यह एक पहल है जिसमें आई आई ए कॅालेज जाने वाले छात्रों को, जो इंडस्ट्रीज में जुडना चाहते है, उनको प्रेरित करते है और मार्गदर्शन देते है।


वर्कशॉप में डॉ मनीष शर्मा, चैप्टर कोषाध्यक्ष आशीष गुप्ता, सीईसी सदस्य विमल रिवाड़ी, राष्ट्रीय सचिव तनुज भसीन, मण्डलीय चेयरमैन गुरप्रीत सिंह मोंगा, मण्डलीय सचिव मनोज पंजाबी, धंनजय विक्रम सिंह, मनोहर लाल धीरवानी, राकेश धीरवानी, रवि खण्डेलवाल, राजीव आनन्द, ऋषभ दीक्षित, सलिल बंसल, ध्रुव खानिजों, अभिनव अग्रवाल, पावन अग्रवाल, उन्मुक्त सम्भव शील, आशुतोष शर्मा, सी ए अभिशेक अग्रवाल के अलावा अन्य शहर जैसे पीलीभीत, बदायूं शाहजहांपुर, लखनऊ, सम्भल, रामपुर शहर के लगभग 200 उद्यमी उपस्थित रहें।

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