वित्तीय विश्लेषण, निर्णय क्षमता और नेतृत्व विकास पर रहा फोकस

लव इंडिया, मुरादाबाद। टिमिट (टीएमयू इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी) में “फाइनेंशियल फ्यूरी” नामक केस स्टडी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में एमबीए के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न जटिल वित्तीय समस्याओं पर आधारित केस स्टडी का विश्लेषण कर उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए।
आईएसटीडी और ईडीसी का रहा सहयोग

कार्यक्रम के आयोजन में आईएसटीडी (इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट), मुरादाबाद चैप्टर तथा टीएमयू-एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल (ईडीसी) का विशेष सहयोग रहा। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में वित्तीय विश्लेषण क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय-निर्माण कौशल और नेतृत्व गुणों का विकास करना था।
वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों पर आधारित केस स्टडी
प्रतिभागियों ने वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों से जुड़े मामलों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने पूंजी प्रबंधन, निवेश रणनीति, जोखिम मूल्यांकन, लागत नियंत्रण और लाभ वृद्धि जैसे विषयों पर विश्लेषण प्रस्तुत किया।
छात्रों ने अपनी प्रस्तुति में डेटा विश्लेषण, ग्राफिकल प्रस्तुति और व्यवहारिक रणनीतियों का प्रभावी उपयोग कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
डीन डॉ. विपिन जैन का प्रेरक संबोधन

टिमिट के डीन डॉ. विपिन जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वित्तीय प्रबंधन केवल आंकड़ों का विश्लेषण भर नहीं, बल्कि दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच का विषय है। उन्होंने कहा, “आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में वही प्रबंधक सफल होता है, जो समयानुकूल और सटीक निर्णय लेने की क्षमता रखता हो। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ छात्रों को कक्षा शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करती हैं।”डॉ. जैन ने आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
प्रस्तुति और विश्लेषण के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रस्तुति और विश्लेषण के आधार पर हुआ मूल्यांकन
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन निम्न मानकों पर कियाविषय की गहन समझतथ्यों का तार्किक विश्लेषणप्रस्तुति शैलीव्यावहारिक एवं नवाचारी सुझावप्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कृत किया गया।
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