सामाजिक न्याय के लिए कलम से क्रांति करने वाले महानायक थे Dr. Ambedkar : MP रुचि वीरा

लव इंडिया, मुरादाबाद। 14 अप्रैल को सपा सांसद रुचि वीरा के कैम्प कार्यालय पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134 वीं जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम उन्होंने और अन्य उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर सांसद रुचि वीरा ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का मानना था कि शिक्षा हाशिए पर खड़े हर इंसान की बराबरी, न्याय और समानता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक मुक्ति और आत्मसम्मान का मुख्य साधन माना था।

उन्होंने वंचित वर्गों के लिए मुफ्त और समान शिक्षा की वकालत की। शिक्षा से ही कोई राष्ट्र मुकम्मल हो सकता है। इसलिए वह शिक्षा को मात्र नौकरी का जरिया न मान कर आमूलचूल क्रांति का जरिया मानते थे। लेकिन मौजूदा वक्त में भाजपा सरकार शिक्षा को निजी और व्यावसायिक संस्थानों के हवाले कर शिक्षा को वंचित वर्ग की पहुंच से दूर कर रही है।


इस अवसर पर मुख्य रूप से शाने अली शानू, कुलदीप तुरैहा एडवोकेट, खुशनूद खान, तुंगीश यादव, वसीम कुरैशी, डॉ. महमूद सैफी, हारून पाशा, मैथ्यूज मैसी, अब्दुल गनी, फहीम एडवोकेट, आदित्य चौधरी, एम पी सिंह, चंद्रपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।

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