समाज को जागरूक करने मे पत्रकारों का योगदान- सुरेन्द्र सिंह

लव इंडिया, मुरादाबाद। विश्व संवाद केंद्र द्वारा बुद्धि विहार स्थित अमर वाटिका में देवऋषि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “डिजिटल मीडिया के युग में आधुनिक पत्रकारिता” विषय पर पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उसकी चुनौतियों तथा समाज निर्माण में उसकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई।

विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन ने विषय प्रस्तुति की

कार्यक्रम में मेरठ से प्रकाशित राष्ट्रदेव मासिक के संपादक एवं प्रान्त प्रचार प्रमुख सुरेन्द्र सिंह मुख्य वक्ता, प्रख्यात लेखक एवं उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता मुख्य अतिथि तथा आईएफटीएम विश्वविद्यालय के जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश शुक्ला अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी का प्रारंभ करते हुए विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. पवन कुमार जैन द्वारा विषय प्रस्तुति की गई।

स्वतंत्रता चेतना और जनजागरण का सशक्त माध्यम


इस अवसर पर उन्होंने कहा सृष्टि के प्रथम संवादवाहक के रूप में देवऋषि नारद जी का योगदान भुलाया नहीं जा सकता। नारद जी ने पीड़ित-शोषित की आवाज को मुखर किया, जहां आवश्यकता होती थी वे वहां उपस्थित होते थे।
हिंदी के प्रथम समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल एक पत्र नहीं, बल्कि स्वतंत्रता चेतना और जनजागरण का सशक्त माध्यम था।

नवसंचार, जागरण, सजीवता तथा नवस्फूर्ति का संचार

मुख्य वक्ता सुरेन्द्र सिंह ने अपनी सारगर्भित संबोधन में कहा पत्रकार दिवस के अवसर पर नारद जी का स्मरण करना एवं उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि
उदन्त मार्तण्ड बन्द भले ही हो गया लेकिन वह लोगों को एक दिशा दे गए। पत्रकारिता ही है जिसके माध्यम से समाज में नवसंचार, जागरण, सजीवता तथा नवस्फूर्ति का संचार होता है।

समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज होता है पत्रकार

कहा कि समाज को प्रभावित करने की जो क्षमता पत्र-पत्रिकाओं में है, उसके मूल में भी पत्रकार ही है। पत्रकार को समाज के सजग प्रहरी के रूप में देखा जाता है। एक पत्रकार सामाजिक परिवर्तन के लिए जो त्याग करता है उसका वह त्याग ही समाज को गति प्रदान करता है। समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज पत्रकार होता है।

संरक्षण एवं प्रसार करने में महती भूमिका निभा सकता है पत्रकार

उन्होंने कहा समाज को सही दिशा प्रदान करने में, समाज में जनजागरूकता पैदा करने में, समाज में मानवीय मूल्यों का विकास करने में, भ्रष्टाचार को उजागर करने में, लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना करने हेतु समाज की निष्ठा उत्पन्न करने में, महिला सशक्तिकरण करने में, समाजिक कुरीतियों को सामने लाने एवं उनका विश्लेषण करने में, समाज में राजनीतिक चेतना विकसित करने में, संस्कृति का संरक्षण एवं प्रसार करने में पत्रकार अपनी महती भूमिका निभा सकता है।

पत्रकारों का समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान

कहा कि स्वामी विवेकानन्द, मदनमोहन मालवीय, वीर सावरकर, दीनदयाल उपाध्याय, महात्मा गांधी स्वामी दयानन्द जी जैसे महान विभूतियों ने समाचार पत्रों का प्रकाशन एवं संपादन कर इस मार्ग प्रशस्त को किया। एक पत्रकार सामाजिक परिवर्तन के लिए जो त्याग करता है उसका वह त्याग ही समाज को गति प्रदान करता है। पत्रकारों का समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान है।

डिजिटल ने पत्रकारिता को नए फलक पर खड़ा कर दिया

मुख्य अतिथि डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि पत्रकार के लिए पत्रकारिता एक धर्म की तरह है। और पत्रकारिता का एक धर्म है- निष्पक्षता । आपकी लेखनी तभी प्रभावी हो सकती है जब आप निष्पक्ष होकर पत्रकारिता करें। पत्रकारिता में आप पक्ष नहीं बन सकते। हां, पक्ष बन सकते हो लेकिन केवल सत्य का पक्ष। डिजिटल तकनीक ने पत्रकारिता को बिल्कुल एक नए फलक पर लाकर खड़ा कर दिया है।

पत्रकार और पत्रकारिता को ज्यादा जवाबदेह बनाया सोशल मीडिया ने

मुख्य अतिथि डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि डिजिटल तकनीक, सोशल मीडिया के असर से जहां पत्रकारिता ने गति पकड़ी है तो विश्वसनीयता की कसौटी पर कसने की चुनौतियां पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। रफ्तार की प्रतिस्पर्धा से नए खतरों का अंदेशा भी बढ़ा है। सोशल मीडिया के असर ने पत्रकार और पत्रकारिता को कहीं ज्यादा जवाबदेह बनाया है।

तकनीक के इस युग में पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं चुनौतियां

मुख्य अतिथि डॉ विशेष गुप्ता ने कहा कि अब पत्रकारिता पहले से ज्यादा जीवंत हुई है। दूसरे सिरे पर बैठा पाठक केवल पढ़कर चुपचाप बैठे रहना वाला नहीं रहा। वो न केवल कहीं अधिक प्रतिक्रियावादी हुआ है बल्कि किसी समाचार में अगर जरूरी लगे तो बदलाव की वजह तक बनने की हिम्मत रखता है। वो अपनी मर्जी से अपने स्रोत को चुन सकता है और उस पर प्रतिक्रिया देने की आजादी रखता है। पत्रकारों के सामने तथ्यों, तस्वीरों की विश्वसनीयता परखने की चुनौतियां तकनीक के इस युग में पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं।

युवाओं के लिए रोजगार-अभिव्यक्ति के अनेक नए अवसर उपलब्ध कराए

कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. राजेश शुक्ला ने कहा कि पत्रकार का कार्य हर परिस्थिति में साहस के साथ संवाद स्थापित करना है न कि विवाद करना। उन्होंने जनसंचार विभाग के छात्रों का आह्वान करते हुए कहा मीडिया का क्षेत्र असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। ग्राफिक्स, एनीमेशन, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया और नागरिक पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों ने युवाओं के लिए रोजगार और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के अनेक नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।

संजीव चौधरी ने उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया

कार्यक्रम के अंत में महानगर प्रचार प्रमुख संजीव चौधरी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मेजर राजीव ढल द्वारा किया गया, कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रशांत मिश्रा, हरिमोहन गुप्ता, सचिन कुमार, राकेश मिश्रा, रतनलाल एडवोकेट, सुभाष शर्मा, डॉ मुदित सिंघल, कुलदीप कुमार, डॉ सत्यवीर सिंह आदि महानगर के वरिष्ठ पत्रकार गण साहित्यकार गण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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