Kumaratnay Vaishya Samaj की संस्कारशाला में बोले डाॅ. विशेष गुप्ता- पीढ़ियों में संवाद बढ़ेगा तो सभी के लिए उपयोगी होगा

लव इंडिया, मुरादाबाद। चंद्रनगर स्थित लाल कोठी में कुमारतनय वैश्य समाज द्वारा संस्कारशाला एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें इस वर्ष बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण हुए 10वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। एवं समाज के 10वीं एवं 12वीं कक्षा के टॉपर को विशेष सम्मान दिया गया एवं संस्कारशाला में कुछ मुख्य वक्ताओं को आमंत्रित किया गया एवं उन्होंने बच्चों एवं उनके माता-पिता को भारतीय संस्कृति स्कूल व कॉलेज की पढ़ाई एवं जीवन से जुड़ी बहुत सी बातों पर कुछ प्रेरक भाषण दिए।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ विशेष गुप्ता रहे एवं मुख्य वक्ता ओम प्रकाश शास्त्री, डॉ. अमित वैश्य, डॉ.अंचल गुप्ता एवं आशीष गुप्ता रहे। ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया जिनका वर्णन हम रोज करते हैं उनका आचरण हमारे जीवन में आता है, हम सभी को भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। बच्चे प्रातः उठते ही सर्वप्रथम हाथ जोड़कर भगवान को प्रणाम करें एवं अपने जीवन को महान लोगों के अनुसार डालने का प्रयास करें एवं 16 संस्कारों का पालन करें।
डॉ.अमित वैश्य ने बताया माता-पिता अपने बच्चों का हर प्रकार की आजीविका के बारे में मार्गदर्शन करें एवं साथ ही सभी बच्चों की माताओं से निवेदन किया क्या अपने बच्चों के साथ पढ़ाई करते समय प्रतिदिन कम से कम 2 घंटे व्यतीत करें। उन्होंने यह भी बताया कि आजकल के बच्चे बहुत ही भौतिकवादी हो चुके हैं एवं बिना तर्क के किसी भी बात को नहीं मानेंगे उन्हें समझाना पड़ेगा एवं अपनी संस्कृति से जोड़ना पड़ेगा।


डॉ.अंचल गुप्ता ने बताया के भारतीय संस्कृति का लोहा विदेशों ने भी माना है, संस्कृति सीख के माध्यम से हमारे अंदर प्रवेश करती है एवं बच्चे संस्कृति देखकर ही समझते हैं। धर्म को हमारी संस्कृति से जोड़ा गया है एवं बच्चों को संस्कृति को सिखाने का सबसे अच्छा ज़रिया परिवार होता है। जिन बच्चों का पालन पोषण परिवार के साथ होता है वह सभी से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं और अधिक संस्कारवान बनते हैं। परिवार में रहकर अगर हम बच्चों को समय देते हैं तो बच्चों को मनोवैज्ञानिक एवं भाषण चिकित्सक की आवश्यकता नहीं पड़ती है। आशीष गुप्ता ने बच्चों के माता-पिता से निवेदन किया कि बच्चों को धर्म से मत काटिए एवं उन्हें ध्यान करना सिखाइए। जो भी बदलाव आप बच्चों में चाहते हैं पहले उसे बदलाव को अपने अंदर लेकर आई एवं इस बदलाव को देखकर बच्चा स्वयं सीखेगा।

मुख्य अतिथि डॉक्टर विशेष गुप्ता ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन हुआ है, बच्चे जितने ज्यादा परिवार एवं समाज के संपर्क में आएंगे वह उतने ही ज्यादा उपयोगी बनेंगे। संस्कारों का प्रवाह हमने बच्चों के स्कूलों पर डाला हुआ है। वह हमें स्वयं बच्चों में प्रवाहित करना होगा। आजकल परिवारों में संवाद की परंपरा लुप्त हो गई है एवं एक सर्वे के अनुसार माता-पिता के पास बच्चों से संवाद करने के लिए पूरे दिन में मात्र 20 मिनट का ही समय होता है, बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए हम सभी को एक मत होना पड़ेगा। जब बच्चे का पूर्व-नियोजित प्रकार से जन्म होगा तो परिवार में उसकी परवरिश भी अच्छी ही होगी। स्कूल आपको औपचारिक शिक्षा देगा परंतु बच्चे समय एवं भाषा का निवेश मांगते हैं। बच्चों के साथ मोबाइल का काम से कम इस्तेमाल किया जाए एवं समय आरक्षित किया जाए। परिवारों को जोड़ने की आवश्यकता है, पीढ़ियों में संवाद बढ़ेगा तो यह सभी के लिए उपयोगी होगा।



कुमारतनय वैश्य सभा मुरादाबाद के अध्यक्ष पराग गुप्ता ने कार्यक्रम में मौजूद सभी सदस्यों, बच्चों एवं माता-पिताओं का धन्यवाद देते हुए बच्चों को व्यापार के बारे में भी शिक्षा प्रदान की एवं व्यापार के बहुत से सकारात्मक बिंदुओं पर जिक्र किया एवं बच्चों को व्यापार में जाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पराग गुप्ता, एड. मनोज गुप्ता, अतुल गुप्ता, विनय गुप्ता, सचिन गुप्ता, देवांग गुप्ता, अपर्णा गुप्ता, अमिता गुप्ता, राजहंस गुप्ता, एड. निखिल गुप्ता, एड. अनमोल गुप्ता, एड. मनीष गुप्ता, पंकज गुप्ता, राजीव गुप्ता, अमित गुप्ता, प्रिया गुप्ता, पायल गुप्ता, गौरव गुप्ता, अंकुर दयाल गुप्ता, अविनाश गुप्ता आदि मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक एड. निखिल गुप्ता एवं एड. अनमोल गुप्ता द्वारा किया गया।

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