अमरोहा में अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग, किसान यूनियन का जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन

सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप, एक सप्ताह का अल्टीमेटम; कार्रवाई न होने पर मुरादाबाद में भूख हड़ताल की चेतावनी

लव इंडिया नेशनल, अमरोहा। जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (संविधान) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मंडल अध्यक्ष ठाकुर मंजू राठौर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देकर स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और अवैध चिकित्सा केंद्रों के संचालन की जांच कराने की मांग की।

संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा ने आरोप लगाया कि अमरोहा जिले में स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के संरक्षण में बड़ी संख्या में अवैध क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर, नोडल अधिकारी डॉ. योगेंद्र सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजरौला की प्रभारी डॉ. पल्लवी गंगवार, कंप्यूटर ऑपरेटर कमाल मुस्तफा सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।

सील खुलने और अस्पतालों में साझेदारी के लगाए आरोप

डॉ. तुरैहा ने आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सा केंद्रों को सील किए जाने के दो-तीन दिन बाद ही कथित रूप से सुविधा शुल्क लेकर सील खोल दी जाती है। उन्होंने डॉ. योगेंद्र सिंह और कमाल मुस्तफा पर साझेदारी में दो दर्जन से अधिक अस्पताल संचालित होने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, इन अस्पतालों में आसपास के कथित झोलाछाप चिकित्सकों के माध्यम से मरीजों और नवजातों को भेजा जाता है।

संगठन ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, बिना वैध अनुमति चल रहे चिकित्सा केंद्रों को बंद कराने और जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, मुरादाबाद में भूख हड़ताल की चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन (संविधान) ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कथित झोलाछाप चिकित्सकों और उन्हें संरक्षण देने के आरोपों से घिरे संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुरादाबाद स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

धरना-प्रदर्शन के दौरान डॉ. रामेश्वर दयाल तुरैहा, गीता देवी, प्रेम सागर, डॉ. असलम पाशा, सद्दाम पाशा, राजेश कश्यप, वीर बहादुर कश्यप, जसवंत तोमर और धर्मेंद्र यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आम लोगों को अवैध चिकित्सा केंद्रों से बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

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