Gokuldas Hindu Girls College: आज के युग में सभी के लिए कंप्यूटर की जानकारी होना आवश्यक

लव इंडिया, मुरादाबाद। गोकुलदास हिंदू गर्ल्स महाविद्यालय की एनएसएस की द्वितीय इकाई ने प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा के निर्देशन मे एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस “डिजिटल साक्षरता मिशन” के रूप में मनाया।

सर्वप्रथम प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा जी ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। साथ ही स्वयं सेविकाओं द्वारा एनएसएस का लक्ष्य गीत और योगाभ्यास किया गया। तत्पश्चात स्वयं सेविकाएं छोटा-छोटा टोलिया बनाकर बस्ती के लोगों को डिजिटल साक्षरता के बारे में जागरूक किया।
शिविर के द्वितीय सत्र में परिवर्तन एनजीओ के प्रिंस जी ने बस्ती के लोगों एवं स्वयं सेविकाओं को डिजिटल साक्षरता अभियान की महत्व बताया।

सर्वप्रथम प्राचार्य प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने स्वयं सेविकाओं एवं बस्ती के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन की शुरुआत भारत के प्रत्येक घर में काम से कम एक व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाने की उद्देश्य से किया गया था। डिजिटल साक्षरता किसी व्यक्ति को डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके जानकारी प्राप्त करने उसका मूल्यांकन करने और संचार करने की क्षमता से है।आज युवा पीढ़ी के लिए डिजिटल साक्षरता कौशल का महत्व बढ़ता जा रहा है।

हालांकि डिजिटल साक्षरता पाठ्यक्रम अपेक्षाकृत नया है जो आज की शैक्षिक प्रणालियों में तेजी से आवश्यकता बनता जा रहा है। जैसे-जैसे तकनीक रोजमर्रा की जिंदगी में और भी ज्यादा शामिल होती जा रहा है वैसे-वैसे डिजिटल साक्षरता का महत्व भी और भी ज्यादा स्पष्ट होता जा रहा है। युवाओं को डिजिटल साक्षरता के द्वारा पाठ्यक्रम में आसानी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है साथ ही ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जिसमें डिजिटल द्वारा आसानी से सूचना प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल के माध्यम से सभी युवा, बच्चे और वयस्क बौद्धिक, व्यक्तिगत एवं सामाजिक ,राजनीतिक आदि में होने वाले विकास का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं ।

प्राचार्य जी ने आगे कहा कि आज भारत में डिजिटल साक्षरता लगातार बढ़ रही है, आज बहुत से परिवार डिजिटल रूप से साक्षर है फिर भी शहरी क्षेत्र में डिजिटल साक्षरता ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक है । तत्पश्चात परिवर्तन एनजीओ के श्री प्रिंस ने डिजिटल साक्षरता के बारे में बताते हुए कहा कि आज के युग में सभी व्यक्तियों को कंप्यूटर की जानकारी होना आवश्यक है चाहे वह महिला हो या पुरुष।इसी क्रम में उन्होंने स्वयं सेविकाओं और बस्ती सिखाया।

साथ ही उन्होंने कंप्यूटर की बेसिक शिक्षा जानकारियां देते हुए कंप्यूटर में हार्डवेयर सॉफ्टवेयर की भी के भी बारे में बताया साथ ही कंप्यूटर पर दस्तावेज टाइप करना ईमेल भेजना गेम खेलना स्प्रेडशीट बनाना प्रेजेंटेशन बनाना वीडियो बनाने की जानकारी विधि कुछ और पार्ट्स जैसे मदरबोर्ड मेमोरी हरदेस्ट मॉडेम साउंड कार्ड और मॉनिटर की भी जानकारी दी उन्होंने सीपीयू के बारे में भी लोगों को बेसिक जानकारी प्रदान करें साथ ही बताया कि आज का योग डिजिटल युग है इसलिए सबको डिजिटल साक्षर होना आवश्यक है । साथ ही उन्होंने बस्ती के लोगों को पेटीएम आदि करने के भी बारे में बताया।


महाविद्यालय की उप प्राचार्य प्रोफेसर अंजना दास जी ने भी स्वयं सेविकाओं और बस्ती के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कंप्यूटर का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है जैसे शिक्षा अनुसंधान कारोबार आदि कंप्यूटर का उपयोग सही ढंग से किया जाए तो इसके द्वारा हमारे देश के कोने-कोने की जानकारी प्राप्त हो सकती है मुख्य अनुशासिका प्रोफेसर कविता भटनागर ने भी सभी स्वयंसेविकाओं को हार्दिक बधाइयां दी।


कार्यक्रम के तृतीय सत्र में “गायन प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया ।जिसमें नताशा कृष्णा मानवी आदि कई स्वयं सेविकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ शेफाली अग्रवाल द्वारा किया गया ।एवं शारिरिक शिक्षा विभाग की प्रभारी शिवानी गुप्ता ने सहयोग किया ।शिविर में सभी स्वयंसेविकाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया।

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