उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। हरथला गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घनी आबादी के बीच एक तेंदुआ घरों की छतों पर घूमता हुआ एक मकान में घुस गया। करीब चार घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद वन विभाग और पुलिस टीम ने उसे सकुशल पकड़ लिया। गनीमत रही कि इस पूरी घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
छतों से उतरकर घर के गुसलखाने में घुसा

सुबह करीब चार बजे से ही रामगंगा किनारे और आशियाना रोड पर तेंदुए के देखे जाने की चर्चा फैल गई थी। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने उसे देखा तो जहां थे, वहीं ठिठक गए। बताया जाता है कि तेंदुआ सील गुप्ता आई केयर सेंटर होते हुए हरथला गांव की ओर बढ़ा और पहले रामलीला मैदान में घूमता रहा।
करीब 7:25 बजे वह गंगा मंदिर की छत से कूदकर हरथला निवासी मेघ सिंह के मकान की छत पर पहुंचा और जीने से उतरकर सीधे घर के गुसलखाने में घुस गया।
मेघ सिंह की हिम्मत, गुसलखाने में किया बंद

उस समय घर में मेघ सिंह की मां शकुंतला देवी, पत्नी सुमन और बेटे सुमित व सौरव मौजूद थे। सबसे पहले शकुंतला देवी ने तेंदुए को देखा और इशारे से बेटे को बताया।
मेघ सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए दबे पांव जाकर गुसलखाने का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
तेंदुआ बाहर निकल आता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

उन्होंने बताया, “जब मैंने किवाड़ बंद किया तो तेंदुआ पलटकर मेरी ओर झपटा, जिससे जाली टूट गई। डर तो लगा, लेकिन हिम्मत करके दरवाजा बंद कर दिया।”
अगर उस समय तेंदुआ बाहर निकल आता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
हजारों की भीड़, चार घंटे चला रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक मनीष सक्सेना पुलिस बल के साथ पहुंचे। वन विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद डिप्टी वन रेंजर गिरीश चंद श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची।
मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया

सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू 11:30 बजे तक चला। गुसलखाने के बाहर पिंजरा लगाया गया और पाइप से पानी डालकर तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश की गई। दो बार वह पिंजरे में आया लेकिन बंद होने से पहले वापस अंदर चला गया। आखिरकार करीब साढ़े तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया गया।
यह शामिल रहे रेस्क्यू टीम में

रेस्क्यू टीम में डिप्टी रेंजर अनुज कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, हिरदेश सिंह, वन दरोगा गौरव चौहान, कपिल कुमार, अमरजीत सिंह, माली प्रेमपाल और गिरधारी शामिल रहे। पीपल फॉर एनिमल एनजीओ के यूनिट प्रभारी करुण शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे।
दहशत और उत्साह दोनों

तेंदुए के घर में बंद होने की खबर आग की तरह फैल गई। हजारों लोग मेघ सिंह के घर के बाहर और छतों पर जमा हो गए। सड़कों पर दूर-दूर तक बाइकों की कतार लग गई।
स्थानीय निवासी पंकज प्रजापति ने बताया,
“मैंने अपनी आंखों से तेंदुए को मंदिर की छत से मेघ सिंह के घर कूदते देखा।”
कुसुम देवी ने कहा,
“सुबह से मोहल्ले में तेंदुआ घूमने की चर्चा थी, लेकिन जब सामने वाले घर में घुसा तो सब दहशत में आ गए।”
मेडिकल जांच के बाद डियर पार्क भेजा गया

डिप्टी वन रेंजर गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुए को पकड़कर डियर पार्क ले जाया गया है, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।
रेस्क्यू के दौरान न तो वन विभाग की टीम और न ही किसी स्थानीय निवासी को चोट आई। अधिकारियों के अनुसार तेंदुआ रातभर भटकने के कारण थका हुआ था, इसी वजह से उसने हमला नहीं किया।
अब ‘T’ नहीं खौफ, रंगों में डूबेगा हरथला

घंटों की दहशत के बाद जब तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ तो मोहल्ले ने राहत की सांस ली। होली से पहले छाया खौफ अब खत्म हो चुका है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अब बिना डर के होली का त्योहार मनाया जाएगा। हरथला में गुरुवार का दिन दहशत और रोमांच दोनों का गवाह बना, लेकिन अंत सुखद रहा—न कोई घायल, न कोई जानमाल का नुकसान।

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