गलत बिल व अवैध वसूली पर बुजुर्ग महिला ने दी CM ऑफिस के सामने आत्मदाह की चेतावनी
✍️ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के अधिकारियों पर एक 80 वर्षीय वृद्ध विधवा महिला के साथ लगातार उत्पीड़न, गलत बिजली बिल जारी करने और अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। पीड़िता ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को प्रार्थनापत्र भेजते हुए चेतावनी दी है कि यदि 20 जनवरी 2026 तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने को मजबूर होगी।

👵 पीड़िता का परिचय और पारिवारिक स्थिति
प्रार्थनापत्र के अनुसार पीड़िता श्रीमती सरला देवी, पत्नी स्वर्गीय रामप्रकाश अग्रवाल, निवासी 20/5 जीलाल स्ट्रीट, मंडी चौक, थाना मुगलपुरा, मुरादाबाद की रहने वाली हैं।
उनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है और वे एक वृद्ध विधवा महिला हैं, जो अपने पुत्र और पुत्रवधू के साथ रहती हैं।
🏠 मकान, कनेक्शन और बिजली भार का विवरण
पीड़िता का आवास लगभग 100 वर्ग गज में स्थित है, जो केवल तीन सदस्यों का निवास है। मकान में पीड़िता के नाम से बिजली कनेक्शन संख्या 3511773000 दर्ज है। पहले स्वीकृत बिजली भार: 3 किलोवाट। बाद में बिना सूचना और बिना जांच: 5 किलोवाट कर दिया गया पीड़िता का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी नोटिस या सूचना के उनका बिजली भार बढ़ा दिया गया।
⚡ सोलर पैनल लगाने के बावजूद गलत बिल

पीड़िता ने उत्तर प्रदेश सरकार की सौर ऊर्जा योजना के अंतर्गत अपने मकान पर 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया। इसके बावजूद— विभाग द्वारा 5 किलोवाट की जगह 7.5 किलोवाट का भार दर्शाया गया। केवल 53 यूनिट की खपत के बावजूद। लगभग ₹5000 का बिजली बिल भेजा गया। पीड़िता का कहना है कि यह बिल पूरी तरह गलत और अवैध है।
💸 अवैध वसूली और रिश्वत मांगने का आरोप
प्रार्थनापत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि—
बिजली विभाग मुरादाबाद के अधिकारी तथा जेई और एसडीओ (टाउनहाल) पीड़िता से कह रहे हैं कि यदि उन्हें अपना बिजली भार और बिल सही कराना है तो पहले ₹20,000 की अवैध राशि देनी होगी, तभी बिल में सुधार किया जाएगा।
😟 मानसिक प्रताड़ना और कोई सुनवाई नहीं
पीड़िता का कहना है कि वह लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन— उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उल्टे अगले महीने 10 किलोवाट का भार जोड़कर नया बिल देने की धमकी दी जा रही है। मानसिक और आर्थिक रूप से उन्हें तोड़ा जा रहा है। पीड़िता एक वरिष्ठ नागरिक और बीमार महिला हैं, फिर भी अधिकारियों द्वारा संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही।

🚨 आत्मदाह की चेतावनी
प्रार्थनापत्र में साफ शब्दों में कहा गया है कि— यदि 20 जनवरी 2026 तक पीड़िता की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो 26 जनवरी 2026 को वह मजबूर होकर माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी— बिजली विभाग मुरादाबाद संबंधित जेई एवं एसडीओ (टाउनहाल) पर होगी।
📑 मुख्यमंत्री से की गई मांग
पीड़िता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि— बिजली विभाग मुरादाबाद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए। उनका गलत बिजली भार ठीक कराया जाए। सही यूनिट के अनुसार सही बिजली बिल 20 जनवरी 2026 तक उपलब्ध कराया जाए। अवैध वसूली करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
नोट: संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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