
लव इंडिया मुरादाबाद। राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवम् अनुसंधान केंद्र, नई दिल्ली के फिजियोथेरेपी ऑनकोलॉजी रिहैबिलिटेशन के एचओडी डॉ. नवनीत सिंह (पीटी) ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के स्टुडेंट्स को मैनुअल लिम्फैटिक ड्रेनेज और लेयर्ड कम्प्रेशन बैंडेजिंग तकनीकों का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया।
इससे पूर्व उन्होंने कैंसर की पैथोजेनेसिस, उपचार के दुष्प्रभावों और स्टेज-वाइज रिहैबिलिटेशन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए लिम्फेडेमा की पैथोफिजियोलॉजी एवम् वैज्ञानिक प्रबंधन पर चर्चा की। साथ ही कैंसर सर्वाइवर्स में पेल्विक फ्लोर डिस्फंक्शन, मूत्र और स्त्रीरोग संबंधी समस्याओं की रिकवरी में फिजियोथेरेपी की प्रभावी भूमिका को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

डॉ. नवनीत तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी की ओर से विश्व कैंसर दिवस पर इन्नोवेटिव ऑनको रिहैबिलिटेशनः हैंड्स-ऑन अप्रोचेज़-लिम्फेडेमा, ट्रिस्मस से लेकर कैंसर सर्वाइवर्स में पेल्विक फ्लोर रिकवरी तक पर आयोजित जागरूकता एवम् प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इस अवसर पर अतिथियों को पौधे भेंट किए गए।
राजीव गांधी कैंसर संस्थान की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. श्रद्धा तोमर ने सिर और गर्दन कैंसर रोगियों में ट्रिस्मस, मुंह न खुलने की समस्या, निगलने और पोषण संबंधी कठिनाइयों पर केंद्रित व्यावहारिक सत्र में लक्षित एक्सरसाइज़, मैनुअल थेरेपी एवम् आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों के जरिए इनके सफल प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन और फंक्शनल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन सरीखी उन्नत तकनीकों का प्रदर्शन करके छात्रों को नवीन ऑनको रिहैबिलिटेशन उपकरणों के बारे में भी विस्तार से समझाया।
फिजियोथेरेपी की एचओडी प्रो. शिवानी एम. कौल ने ऑनकोलॉजी रिहैबिलिटेशन के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए कैंसर रोगियों एवम् सर्वाइवर्स में फिजियोथेरेपी को उपचार की अनिवार्य कड़ी बताया। कार्यक्रम में कोर्डिनेटर्स सुश्री नीलम चौहान और सुश्री प्रिया के संग-संग श्री हरीश शर्मा, श्रीमती हिमानी, श्री रंजीत तिवारी, श्रीमती शिप्रा गंगवार, बीपीटी और एमपीटी के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
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