आत्मनिर्भर भारत के लिए उद्यमिता आवश्यक

लव इंडिया, मुरादाबाद। स्वदेशी जागरण मंच एवं तीर्थंकर महावीर इन्स्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आज विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर स्वदेशी उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन दिल्ली रोड स्थित टिमिट सभागार में किया गया। इसमें वक्ताओं ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार विषय पर अपने विचारों के माध्यम से उद्यमिता को आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक बताया।


मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख डॉ.राजीव कुमार ने कहा कि देश की 38 करोड़ युवा आबादी को नौकरी देना सरकारों एवं निजी क्षेत्र के लिए सम्भव नहीं है । बेरोज़गारी को दूर करने का केवल एक ही मार्ग है उद्यमिता।

कहा कि हमारे युवा आज उद्यमी बनकर न केवल अपना रोजगार प्राप्त कर सकते है वरन दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनसकते है। उन्होंने युवाओं को आह्वान किया कि उन्हें नौकरी लेने वाला न बनकर नौकरी देने वाला बनना चाहिए। मूल मंत्र को अपनाकर ही भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाया जा सकता है।


प्रान्त संयोजक कपिल नारंग ने कहा कि स्वदेशी एवं उद्यमिता एक दूसरे के पर्याय है। उद्यमिता को स्थापित करना है तो स्वदेशी के मार्ग को अपनाना ही होगा। हमें अपने दैनिक प्रयोग में स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। जो देश आज भारत पर टैरिफ लगा रहे है उन देशों की वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए।


कार्यक्रम संयोजक डॉ. मनोज अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्यमिता विषय आज हमारी शिक्षा नीति का भी हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में उद्यमिता को लेकर अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।इस अवसर पर सभी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ गौरव ने किया।

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