शहरभर में तैयारियां पूरी, परंपराओं के बीच आस्था और उल्लास का संगम

लव इंडिया, मुरादाबाद। फाल्गुन पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहरभर में होलिकाएं सजकर तैयार हो गई हैं। मोहल्लों, चौराहों और मंदिर प्रांगणों में लकड़ियां, उपले और पूजन सामग्री सजा दी गई है। निर्धारित शुभ मुहूर्त पर होलिका दहन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बुराई पर अच्छाई (भक्त प्रहलाद की रक्षा) का प्रतीक है और इस वर्ष 499 साल बाद विशेष ग्रहों का योग बन रहा है।
शुभ मुहूर्त में होगा होलिका दहन

धार्मिक पंचांग के अनुसार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शुभ मुहूर्त 2 मार्च की मध्यरात्रि 12:15 बजे से 1:20 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी अवधि में श्रद्धालु विधि-विधान से पूजन कर अग्नि प्रज्ज्वलित करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि परंपरा के अनुसार शुभ समय में ही दहन हो सके।
मोहल्लों में सजी रंगीन होलिकाएं

शहर के लोकोशेड, चंद्रनगर, कटघर, लाइनपार, सिविल लाइन, बुधबाजार और अन्य क्षेत्रों में बच्चों और युवाओं ने मिलकर होलिका स्थल को सजाया। कई स्थानों पर रंगीन रोशनी और सजावटी वस्तुओं से स्थल को आकर्षक बनाया गया है।बच्चे घर-घर जाकर लकड़ियां और उपले एकत्र करते नजर आए, जिससे त्योहार का पारंपरिक स्वरूप जीवंत दिखा।
पूजन की तैयारियां जोरों पर

महिलाएं और बुजुर्ग होलिका पूजन की तैयारी में जुटे हुए हैं। गेहूं की बालियां, रोली, चावल, गुड़ और नारियल सहित पूजन सामग्री तैयार की जा रही है।होलिका दहन से पहले महिलाएं परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना करेंगी।
सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम

त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है और निगरानी बढ़ाई गई है।सामाजिक सौहार्द का प्रतीकहोलिका दहन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। अगले दिन रंगोत्सव के साथ होली का उल्लास चरम पर होगा।
उल्लास के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे पर्यावरण का ध्यान रखते हुए कम लकड़ी का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।साथ ही, त्योहार को प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने का संदेश दिया गया है।
उत्तम पूजा मुहूर्त शाम शुभ मुहूर्त 2 मार्च की मध्यरात्रि 12:15 बजे से 1:20 बजे तक है। इस दौरान भद्रा रहित समय में होलिका पूजन और दहन करना अत्यंत शुभ रहेगा।
मुरादाबाद होली 2026 – पूरा टाइमलाइन

🔶 2 मार्च 2026 (फाल्गुन पूर्णिमा)
🕕 शाम 6:40 बजे से भद्रा प्रारंभ
👉 इस समय से भद्रा काल शुरू हो जाएगा।
👉 भद्रा में होलिका दहन करना शास्त्रों में वर्जित माना जाता है।
🔶 2/3 मार्च मध्यरात्रि (भद्रा पुच्छ काल)

🕛 रात्रि लगभग 12:15 बजे से 1:20 बजे तक
👉 यह भद्रा का अंतिम भाग (भद्रा पुच्छ) माना जा रहा है।
👉 परंपरा अनुसार भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करना स्वीकार्य माना जाता है।
🔥 इसी समय होलिका दहन करना सबसे शास्त्रसम्मत विकल्प माना जा रहा है।
🔶 3 मार्च 2026 (सुबह)

🕔 सुबह लगभग 5:10 बजे भद्रा समाप्त
⚠️ 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का भी प्रभाव रहेगा।
👉 सूतक काल का प्रभाव दिन के समय रहेगा।
👉 ग्रहण के कारण कुछ लोग रंग खेलने से परहेज़ करेंगे।
🔶 3 मार्च – रंगोत्सव?

धार्मिक मतभेद:
✔ कुछ लोग 3 मार्च को ही रंग खेलेंगे (ग्रहण के बाद)
✔ कई लोग 4 मार्च को रंगोत्सव मनाने की तैयारी में
🔶 4 मार्च 2026

👉 कई मोहल्लों में 4 मार्च को रंग खेलने का निर्णय लिया जा रहा है।
👉 लाइनपार क्षेत्र के कुछ इलाकों में 4 मार्च को सुबह दहन की भी चर्चा है (हालांकि यह पारंपरिक तिथि से अलग है)।
🧭 अब क्या करें?

✔ शास्त्रानुसार होलिका दहन पूर्णिमा की रात्रि में ही होना चाहिए।
✔ भद्रा पुच्छ काल (मध्यरात्रि) सर्वोत्तम विकल्प है।
✔ ग्रहण को लेकर रंग खेलने की तिथि पर सामाजिक सहमति जरूरी है।

📌 फिलहाल, मुरादाबाद के लिए सबसे संतुलित विकल्प

🔥 होलिका दहन – 2 मार्च मध्यरात्रि (12:15 – 1:20 बजे)
🎨 रंगोत्सव – 3 मार्च (ग्रहण के बाद) या 4 मार्च सामाजिक सहमति से
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