Moradabad में 5 Virat Hindu Sammelan: हिंदू समाज की संगठित शक्ति से ही संभव हो सके कई ऐतिहासिक फैसले
लव इंडिया, मुरादाबाद। महानगर के पांच नगरों—रामगंगा विहार, बुद्धि विहार, गोविन्दनगर, प्रकाश नगर और केजीके नगर—में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इन सम्मेलनों का आयोजन विभिन्न विराट हिंदू सम्मेलन समितियों द्वारा किया गया, जिनमें हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता की और सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर विचार मंथन किया।
स्वयंसेवक संघ की स्थापना और ऐतिहासिक संघर्षों पर प्रकाश डाला

केजीके नगर में सिद्धिविनायक धर्मशाला में सम्मेलन
केजीके नगर स्थित सिद्धिविनायक धर्मशाला में आयोजित सम्मेलन में सह प्रान्त प्रचारक आनन्द जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना और उसके ऐतिहासिक संघर्षों पर प्रकाश डाला।
हेडगेवार ने संघ की स्थापना कर समाज को संगठित किया
उन्होंने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी के आगमन के बाद हिंदू समाज के विघटन की स्थिति उत्पन्न हुई, ऐसे कठिन समय में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना कर समाज को संगठित करने का कार्य किया।
कारावास के बाद उनके विचार और अधिक ओजस्वी हो गए

उन्होंने डॉ. हेडगेवार के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि बचपन से ही वे देशभक्ति से ओतप्रोत थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे दो बार—1921 और 1930 में—जेल गए और कारावास के बाद उनके विचार और अधिक ओजस्वी हो गए।
ऐतिहासिक संघर्षों का स्मरण
वक्ताओं ने देश विभाजन के समय की पीड़ा, गोवा मुक्ति आंदोलन, राम जन्मभूमि आंदोलन और रामसेतु बचाने के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी आंदोलनों में हिंदू समाज ने एकजुट होकर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की संगठित शक्ति से ही कई ऐतिहासिक फैसले संभव हो सके।
पंच परिवर्तन पर विशेष जोर
विभाग शारीरिक प्रमुख सुभाष ने पंच परिवर्तन विषय पर बोलते हुए कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इन्हीं पांच बिंदुओं को जीवन में उतारना है—
सुदृढ़ पारिवारिक व्यवस्था
सामूहिक भोजन और सामूहिक पूजा
अतिथि देवो भव की भावना
पर्यावरण संरक्षण (पेड़, पानी और प्लास्टिक मुक्त वातावरण)
स्व का भाव एवं नागरिक कर्तव्य बोध

उन्होंने कहा कि भारतीय पारिवारिक व्यवस्था विश्व की सबसे श्रेष्ठ व्यवस्था है और इसे और मजबूत करने की आवश्यकता है।
अन्य नगरों में प्रमुख वक्ताओं के विचार
रामगंगा विहार: गजेन्द्र संधू ने संघ की यात्रा, जगदीश कोठारी ने हिंदुत्व और पंच परिवर्तन पर, डॉ. मीनू महरोत्रा ने अपने विचार रखे।
बुद्धि विहार:-
ब्रजमोहन (विभाग प्रचारक, आरएसएस) ने संघ की यात्रा, कर्णपुरी जी महाराज ने हिंदुत्व और विपिन (महानगर कार्यवाह) ने पंच परिवर्तन पर संबोधन दिया।
गोविन्दनगर: ओमप्रकाश शास्त्री (प्रान्त प्रौढ़ प्रमुख, आरएसएस) ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा, दण्डी स्वामी जी ने हिंदुत्व और विपिन जी ने पंच परिवर्तन विषय पर विचार रखे।

प्रकाश नगर:-
डॉ. विनीत (महानगर संघचालक) ने संघ की यात्रा, बाल योगी दीनानाथ जी ने हिंदुत्व और प्रमोद (महानगर सह कार्यवाह) ने पंच परिवर्तन पर अपने विचार व्यक्त किए।
समाज को एकजुट करने का आह्वान
वक्ताओं ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज को संगठित करने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया गया।

Hello world.