लव इंडिया, मुरादाबाद। यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के रोड सेफ्टी क्लब और होंडा मोटर साइकिल एंड स्कूटर इंडिया मानेसर, गुडगांव-हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिनी सड़क सुरक्षा जागरूकता कैंप का आयोजन हुआ। इस दौरान स्टुडेंट्स को सुरक्षित वाहन चलाने, नियंत्रित गति, सावधानीपूर्ण ड्राइविंग और दुर्घटना से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।

यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के 750 से अधिक स्टुडेंट्स ने सक्रिय भागीदारी की। फैकल्टी ऑफ एजुकेशन, कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज और कॉलेज ऑफ नर्सिंग के स्टुडेंट्स के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान सेफ्टी राइडिंग के सेंट्रल मैनेजर राकेश कुमार वत्स ने संवादात्मक तरीके से स्टुडेंट्स को सुरक्षित वाहन संचालन के सिद्धांतों से अवगत कराया। उन्होंने सही राइडिंग स्थिति, शरीर के संतुलन, आंख, हाथ, कोहनी, घुटनों और कंधों की सही स्थिति का महत्व समझाते हुए कहा, वाहन चलाते समय सजगता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। साथ ही ब्रेक, टायर और ईंधन की पूर्व जांच को आवश्यक बताया।
सत्र के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों ने स्टुडेंट्स पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने बताया कि 32 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर दुर्घटना में बचाव की संभावना लगभग 97 प्रतिशत रहती है, जबकि 64 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर यह घटकर मात्र 20 प्रतिशत रह जाती है।

उन्होंने सुरक्षित वाहन संचालन के लिए कम से कम तीन सेकंड का अंतराल बनाए रखने पर विशेष बल दिया, ताकि अचानक परिस्थितियों में वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके। उन्होंने ओवरटेक करते समय विशेष सावधानी बरतने और ओवर द शोल्डर नियम अपनाने पर जोर दिया। साथ ही अंधेरे में सामने से आने वाली तेज रोशनी से अप्रभावित रहकर ड्राइविंग करने के सुझाव दिए।

उल्लेखनीय है, होंडा मोटर साइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सेफ्टी राइडिंग के सेंट्रल मैनेजर राकेश कुमार वत्स और टीएमयू के सहायक डीन छात्र कल्याण डॉ. रत्नेश कुमार जैन ने संयुक्त रूप से कैंप का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में स्टुडेंट्स ने हेलमेट, अधिक गति, सड़क संकेतों और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे। उत्कृष्ट उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भी प्रदान किए गए। संचालन डॉ. रणजीत सिंह ने किया।
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