आदतों से ही जीवन और भविष्य की दिशा तयः डॉ. नंदितेश

इंडिया मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की ओर से पेशेवर जीवन में उद्देश्य की खोज कैसे करें पर 17वीं लीडरशिप टॉक सीरीज़ में देश के प्रख्यात विचारक, लेखक, स्तंभकार डॉ. नंदितेश निलय रहे ख़ास मेहमान, कुलाधिपति श्री सुरेश जैन से डॉ. नंदितेश निलय की हुई शिष्टाचार भेंट

लव इंडिया मुरादाबाद। देश के प्रख्यात विचारक, लेखक, स्तंभकार एवम् मानव मूल्यों, नेतृत्व और नैतिकता पर अपनी प्रभावशाली सोच के लिए विख्यात डॉ. नंदितेश निलय ने कहा, उद्देश्य कोई संयोग नहीं होता, बल्कि यह निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मूल्यों से विकसित होता है। उन्होंने स्टुडेंट्य को समझाते हुए कहा, हमारी आदतें ही हमारे जीवन और भविष्य की दिशा तय करती हैं। डॉ. निलय ने विश्वास, संवेदनशीलता और साहस को उद्देश्यपूर्ण जीवन के मूल स्तंभ बताते हुए कहा, जब व्यक्ति अपने वचनों पर खरा उतरता है तो विश्वास का निर्माण होता है। विश्वास से संवेदना जन्म लेती है और संवेदना अंततः साहस का रूप लेती है।

उन्होंने स्टुडेंट्स को आत्म-नेतृत्व का संदेश देते हुए कहा, सच्चा नेतृत्व दूसरों को निर्देश देने से पहले स्वयं को समझने और नियंत्रित करने से शुरू होता है। पेशेवर जीवन में वास्तविक उद्देश्य बाहरी दबावों से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, व्यक्तिगत मूल्यों और आंतरिक स्पष्टता से प्राप्त होता है। डॉ. नंदितेश निलय ने टीएमयू के चांसलर श्री सुरेश जैन से शिष्टाचार भेंट भी की। डॉ. नंदितेश तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की ओर से लीडरशिप टॉक सीरीज़ के 17वें एनलाइटनिंग सेशन में पेशेवर जीवन में उद्देश्य की खोज कैसे करें पर बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

इससे पूर्व मुख्य वक्ता डॉ. नंदितेश निलय के संग-संग कुलपति प्रो. वीके जैन, बतौर विशिष्ट अतिथि डॉ. करुणा जैन, नर्सिंग संकाय की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी, आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. निशीथ कुमार मिश्रा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स प्रो. अमित कंसल आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके टॉक सीरीज सेशन-17 का शुभारम्भ किया।

सभी अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया। अंत में स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। प्रश्नोत्तरी सत्र में स्टुडेंट्स ने जीवन, करियर, आत्मअनुशासन और साहस से जुड़े प्रश्न के जवाब में डॉ. निलय ने छात्रों को आत्ममंथन और नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कुलपति प्रो. वीके जैन ने आत्मबोध को करियर और जीवन की दिशा तय करने का मूल आधार बताते हुए कहा, व्यक्ति को अपनी क्षमताओं, रुचियों और मूल्यों की पहचान करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने निरंतर प्रयास, नैतिक आचरण और सतत लर्निंग की आवश्यकता पर बल देते हुए स्टुडेंट्स को ईमानदारी, उद्देश्य और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रो. अमित कंसल ने स्वागत भाषण, जबकि प्रो. एसपी सुभाषिनी ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। टाक सीरीज में चीफ लाइब्रेरियन डॉ. विनीता जैन, श्री रविन्द्र जैन, डॉ. वरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सहायक निदेशक-एकेडमिक्स डॉ. नेहा आनन्द ने किया।

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