शंकराचार्य को स्नान से रोके जाने पर भड़की शिवसेना, दोषी पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग
जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा बोले— कार्रवाई न हुई तो पूरे जिले में होगा आंदोलन
मुरादाबाद। शंकराचार्य परम पूजनीय अवधेशानंद जी को स्नान से रोके जाने और मठाधीशों–महात्माओं के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार किए जाने के मामले में शिवसेना ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक से दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो शिवसेना पूरे जिले में बड़ा आंदोलन करेगी।

शिवसेना ने बताया धार्मिक आस्था पर हमला
शिवसेना जिला प्रमुख वीरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च संत को स्नान से रोका जाना सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मठाधीशों और महात्माओं के साथ भी अनुचित व्यवहार किया, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
एसपी से तत्काल कार्रवाई की मांग
वीरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि शिवसेना की ओर से पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी जाएगी और मांग की जाएगी कि घटना में शामिल सभी दोषी पुलिसकर्मियों को अभिलंब निलंबित किया जाए तथा उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो।
आंदोलन की खुली चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो शिवसेना मुरादाबाद समेत पूरे जिले में धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करेगी। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

धार्मिक संवेदनशीलता का मामला
शिवसेना नेताओं का कहना है कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि धार्मिक सम्मान और सनातन परंपराओं से जुड़ा विषय है, इसलिए प्रशासन को बेहद संवेदनशीलता से कार्रवाई करनी चाहिए।

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