शब-ए-बारात पर बच्चों ने कब्रिस्तान में बुजुर्गों के लिए की दुआ, फूलों से सजाईं कब्रें
लव इंडिया, मुरादाबाद। शब-ए-बारात पर मुरादाबाद के कचहरी वाले कब्रिस्तान में अकीदत, इबादत और भावनाओं का अनोखा दृश्य देखने को मिला। छोटे-छोटे बच्चों ने अपने बुजुर्गों की कब्रों को फूलों से सजाया और उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत कर ईश्वर से उनके गुनाहों की माफी और जन्नत में आला मुकाम की कामना की।

🌙 शब-ए-बारात: इबादत और मगफिरत की रात
इस्लामी मान्यता के अनुसार शब-ए-बारात को रहमत, बरकत और मगफिरत की रात माना जाता है। इस रात लोग अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और दिवंगत परिजनों के लिए विशेष दुआ करते हैं।

🌸 बच्चों ने दिखाई अकीदत और संस्कार
कब्रिस्तान में पहुंचे बच्चे दानिश, राहिल, जुनैद, आफताब, नदीम, मुहम्मद खिज़र, फैजी, अब्दुर रहमान सहित अन्य बच्चों ने कब्रों की साफ-सफाई की, उन पर फूल चढ़ाए और शांत मन से फातिहा पढ़ी। यह दृश्य सामाजिक और धार्मिक संस्कारों का जीवंत उदाहरण बना।
🤲 दुआ-ए-मगफिरत में शामिल हुए परिजन
बच्चों के साथ उनके परिजन भी कब्रिस्तान पहुंचे और सामूहिक रूप से दुआ की। लोगों ने कहा कि शब-ए-बारात हमें अपने बुजुर्गों को याद करने और नेक रास्ते पर चलने की सीख देती है।

🕌 अमन-चैन और भाईचारे का संदेश
कब्रिस्तान में मौजूद लोगों ने देश और समाज में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ भी की। सभी ने एक-दूसरे को शब-ए-बारात की मुबारकबाद दी।

🧭 सामाजिक संदेश
यह दृश्य इस बात का संदेश देता है कि आज की पीढ़ी भी अपनी धार्मिक परंपराओं और बुजुर्गों के सम्मान से जुड़ी हुई है।

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