कोर्ट सख्त: अब हो सकती है बॉलीवुड हीरोइन अमीषा पटेल की गिरफ्तारी

उमेश लव, लव इंडिया,मुरादाबाद। एक अदालत ने वर्ष 2017 के कथित धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल के खिलाफ गैरजमानती वारंट (NBW) जारी किया है। कोर्ट में लगातार पेश न होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया है। मामला शादी समारोह में प्रस्तुति के लिए एडवांस राशि लेने और कार्यक्रम में शामिल न होने से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?


शिकायतकर्ता पवन वर्मा, जो ड्रीम विजन इवेंट कंपनी के मालिक बताए जाते हैं, के अनुसार वर्ष 2017 में मुरादाबाद में आयोजित एक शादी समारोह में डांस परफॉर्मेंस के लिए अमीषा पटेल को लगभग 11 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। आरोप है कि अभिनेत्री निर्धारित कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं और एडवांस राशि भी वापस नहीं की गई।


समझौता, फिर चेक बाउंस का विवाद


शिकायतकर्ता पवन वर्मा का कहना है कि बाद में 14 लाख रुपये में समझौता हुआ, जिसमें बकाया राशि चेक के माध्यम से दी गई। लेकिन 2 लाख रुपये का एक चेक बाउंस हो गया। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। चेक बाउंस का मामला धारा 138 एनआई एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) के तहत विचाराधीन बताया जा रहा है।


कोर्ट में गैरहाजिरी बनी सख्ती की वजह


अधिवक्ता पंकज शर्मा के अनुसार, पिछली कई सुनवाई में अभिनेत्री के व्यक्तिगत रूप से पेश न होने पर पहले जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बावजूद अनुपस्थिति जारी रहने पर अब अदालत ने गैरजमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अभिनेत्री अगली तारीख पर स्वयं उपस्थित हों।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं


बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भोपाल सहित अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रमों और भुगतान को लेकर उनके खिलाफ कानूनी विवाद सामने आ चुके हैं। हालांकि इन मामलों में अंतिम न्यायिक स्थिति अलग-अलग रही है।


कानूनी विशेषज्ञ क्या कहते हैं..?


अधिवक्ता पंकज शर्मा के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अदालत के समन या वारंट के बावजूद पेश नहीं होता, तो न्यायालय गैरजमानती वारंट जारी कर सकता है। एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस गंभीर आर्थिक अपराध माना जाता है। अब अगली सुनवाई में अभिनेत्री की उपस्थिति पर मामले की दिशा निर्भर करेगी।

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