जमीनी विवाद में साजिश के तहत फंसाया मुझे, 24 दिसंबर 25 की FIR निराधार: सचिन चौधरी

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश महासचिव सचिन चौधरी ने 24 दिसंबर 2025 को उनके खिलाफ दर्ज FIR और जेल भेजे जाने को “राजनीतिक साजिश और सुनियोजित षड्यंत्र” बताया है।

🔹निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंबेडकर पार्क में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा मामला उनके पारिवारिक व्यवसाय आराध्यम् इंफ्रा बिल्डर्स प्रा. लि. की जमीन से जुड़ा है, जिसमें कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करने, करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी करने और कंपनी को ब्लैकमेल करने की कोशिश की। चौधरी ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।


📌 मामला क्या है? — जमीन विवाद की पृष्ठभूमि, “आराध्यम् विलेज परियोजना और 79 बीघा की रजिस्ट्री”

सचिन चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी कंपनी आराध्यम् इंफ्रा बिल्डर्स प्रा. लि. ने वर्ष 2016 में ग्राम आँवला घाट (थाना भोजपुर, तहसील मुरादाबाद) में जमीन का इकरारनामा कर कब्जा लिया था। इसके बाद 2017 में लगभग 79 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराकर “आराध्यम विलेज” के नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की गई।
कंपनी द्वारा वहाँ कॉलोनी का मुख्य गेट बनाया गया। सड़कें बनाई गईं। नालियाँ डाली गईं। स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। पार्क विकसित किया गया। फार्म हाउस बनाए गए। साथ ही कॉलोनी को आवासीय घोषित कराने के लिए कोर्ट में शपथ-पत्र भी दाखिल किया गया।

🔹 जमीन का कुल रकबा और नया विवाद: “गाटा संख्या 58 अ और 58 ब का विवाद”


चौधरी के अनुसार, उसी गाटा संख्या 58 अ और 58 ब में कुल जमीन लगभग 156 बीघा है। वर्ष 2025 में कुछ लोगों ने लगभग 80 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा ली, जबकि:
कुछ जमीन वन विभाग में चली गई। कुछ जमीन सड़क निर्माण में आ गई। कुछ जमीन आस-पास के लोगों द्वारा घेर ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने आवासीय जमीन को कृषि भूमि दिखाकर करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी की है।


🔹कब्जे की कोशिश और ब्लैकमेलिंग के आरोप “कंपनी की जमीन पर जबरन कब्जे का प्रयास”


सचिन चौधरी ने कहा कि जिन लोगों ने 80 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई, उनकी जमीन मौके पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए वे आराध्यम कंपनी की विकसित जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। उनके अनुसार, विपक्षी पक्ष ने उनसे कहा:
“अपनी जमीन में से आधी जमीन हमें दे दो और बाकी दबी हुई जमीन निकलवाने के लिए एसडीएम की पैमाइश पर साइन करो।”
चौधरी ने इसे नियम विरुद्ध और अवैध मांग बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी: लगभग 350 ग्राहकों को स्क्वायर मीटर में प्लॉट बेच चुकी है। कई प्लॉट्स की रजिस्ट्री हो चुकी है। कोर्ट में कॉलोनी को आवासीय घोषित कराने का शपथ-पत्र दिया जा चुका है। इसलिए कंपनी पैमाइश पर साइन नहीं कर सकती।


🔹पाँच करोड़ की मांग का गंभीर आरोप “पाँच करोड़ दो, वरना काम नहीं करने देंगे”


चौधरी ने आरोप लगाया कि ये लोग कंपनी को खुलेआम धमकी दे रहे हैं: “पाँच करोड़ रुपये दो और पैमाइश पर साइन करो, वरना यहाँ काम नहीं करने देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी पक्ष ने कहा: “हम सत्ता के आदमी हैं, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते, पुलिस को हमने खरीद लिया है।” कंपनी ने इस मामले को सुलझाने के लिए सिविल कोर्ट में केस दायर किया है।


🔹तोड़फोड़ और उत्पीड़न की घटनाएँ “सितंबर से लगातार उत्पात”


चौधरी ने बताया कि सितंबर 2025 से निम्न लोग कई बार साइट पर आए:
कुलदीप, पवन, बच्चू सिंह, आकाश व अन्य लोग
इन लोगों ने पार्क तोड़ा। नालियाँ तोड़ीं। बाउंड्री वॉल गिराई
साइट पर काम रोकने की कोशिश की। उनकी पत्नी और सुरक्षा गार्डों को परेशान किया। इस संबंध में कंपनी ने भोजपुर थाने में 6–7 बार शिकायत दी और FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

🔹जनसुनवाई और 112 पर शिकायतें “पुलिस सहायता के बावजूद कार्रवाई नहीं”


सचिन चौधरी की पत्नी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। कई बार 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई गई।
पुलिस मौके पर आकर आरोपियों को भगा देती थी, लेकिन वे फिर लौट आते थे। इसके बावजूद, थाना स्तर पर कोई FIR दर्ज नहीं हुई।


🔹24 दिसंबर 2025 की घटना — फायरिंग का आरोप “हथियारों के साथ साइट पर हमला”


चौधरी के अनुसार, 24/12/25 को आरोपी पक्ष हथियारों से लैस होकर साइट पर कब्जा करने पहुँचा। सुरक्षा गार्ड और गनर ने उन्हें सूचना दी। वे मौके पर पहुँचे। उन्होंने आरोपियों को जाने के लिए कहा। आरोपियों ने उन्हें घेर लिया
उन पर 4 राउंड फायरिंग की गई। कहा कि उन्होंने तुरंत 112 पर कॉल किया। SSP मुरादाबाद को फोन किया। इसके बाद भोजपुर पुलिस आई और उन्हें आरोपियों से बचाकर थाने ले गई।


🔹पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल
“पीड़ित को ही आरोपी बना दिया गया”

थाने पहुँचकर चौधरी ने आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत (तहरीर) दी, लेकिन: आरोपियों ने पुलिस को गुमराह किया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। उल्टा आरोपियों की झूठी शिकायत पर उनके खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा: “मेरे खिलाफ यह कार्रवाई पूरी तरह निराधार है।”


🔹मानसिक और राजनीतिक उत्पीड़न का आरोप“मेरी छवि खराब करने की साजिश”

चौधरी ने कहा कि इस घटना से उनकी सामाजिक छवि खराब हुई। उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया
उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताया।


🔹निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग“SSP के सामने रखूँगा अपना पक्ष”

चौधरी ने कहा कि वे जल्द ही SSP मुरादाबाद के सामने अपना पक्ष रखेंगे और मांग करेंगे कि आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज हो। साइट पर तोड़फोड़ और अवैध कब्जे के लिए सख्त कार्रवाई हो। दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जाए


🔹राजस्व विभाग से अपील — स्टाम्प चोरी का मामला, “करोड़ों की स्टाम्प चोरी पर कार्रवाई हो”


उन्होंने राजस्व विभाग से मांग की कि करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी की जांच हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे एक राजनीतिक व्यक्ति हैं।

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