New Indian Insurance Company के खिलाफ 17.10 करोड़ का परिवाद


लव इंडिया, संभल। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत उपभोक्ता आयोग को मात्र 50 लाख तक परिवाद सुनने का अधिकार है तो वहीं कानून की बारीकियों को समझने वाले उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने कानून की बारीकियों को निकालकर आयोग में 17 करोड रुपए का परिवाद दर्ज कराया।

लव मोहन वार्ष्णेय एडवोकेट


जी हां! हम बात कर रहे हैं कुरकावली स्थित मेंथा फैक्ट्री प्रवीण अरोमा प्राइवेट लिमिटेड की जहां 30/9/ 2019 की रात्रि में बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक मैंथा फैक्ट्री में आग लग गई जिसमें लगभग 18 करोड रुपए की धनराशि का नुकसान हुआ था। चूंकि बीमा फैक्ट्री न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी से मेंथा फैक्ट्री बीमित थी। इसी कारण उसके लिए फैक्ट्री के स्वामी द्वारा सारी औपचारिकता पूर्ण कर बीमित धनराशि की मांग की गई इसके लिए फैक्ट्री स्वामी द्वारा निरंतर प्रयास करते रहे परंतु बीमा कंपनी कागजों को लाकर देने की बात कह कर मामले का निस्तारण करने से बचती रही। जब सारी औपचारिकता पूर्ण हो गई तो फैक्ट्री के स्वामी द्वारा धनराशि अदा करने के लिए बीमा कंपनी से कहा गया परन्तु बीमा कंपनी ने 7 नवंबर 2023 को इंश्योरेंस कंपनी ने अपनी शर्तों का हवाला देकर मेंथा फैक्ट्री में हुई क्षति की धनराशि रुपए 17 करोड़ 10 लाख 17551 देने से इनकार कर दिया।

इस पर फैक्ट्री के स्वामी ने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ लव मोहन वार्ष्णेय एडवोकेट से संपर्क किया और आपकी सारी व्यथा बताई तो अधिवक्ता श्री वार्ष्णेय ने मेंथा फैक्ट्री की ओर से जिला उपभोक्ता आयोग में एक परिवाद प्रस्तुत किया और आयोग से आग्रह किया कि मेरे पक्षकार की मान्यता फैक्ट्री में हुई दुर्घटना से क्षति की धनराशि मेरे पक्षकार को दिलाई जाए तो आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर बताया कि हम 50 लाख रुपए तक के ही परिवाद की सुनवाई कर सकते है।

इस पर अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने उपभोक्ता कानून की बारीकियों को बताते हुए बताया कि उपभोक्ता अधिनियम 2019 की धारा 34(1) के अंतर्गत जो 50 लाख रुपए की धनराशि का क्षेत्र अधिकार निर्धारित किया गया है तो वहां शब्द आया है प्रतिफल धनराशि क्योंकि प्रश्नगत मामले में हमारी प्रतिफल की धनराशि 5 लाख 14103 है तथा उसपर जो न्याय शुल्क दे है। उसका ड्राफ्ट परिवाद पत्र के साथ संगलन किया गया है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का संशोधन 2021 के अंतर्गत भी परिवार को सुनने का क्षेत्र का माननीय आयोग को हैं ।आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों ने अधिवक्ता की बहस को सुना और परिवाद को दर्ज कर न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को नोटिस जारी कर दिनांक 17 अप्रैल 2025 को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

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