IMA MEDICON-2026: देश के वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मुरादाबाद के तत्वावधान में दिल्ली रोड स्थित स्टेट होटल ड्राइव-इन-24 में IMA MEDICON-2026 के अंतर्गत एक दिवसीय CME (Continuing Medical Education) का भव्य आयोजन किया गया। दिनभर चले इस मेडिकल कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, नई तकनीकों और उपचार की उन्नत विधियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह रहे, जबकि IMA अध्यक्ष डॉ. सी.पी. सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

🩺 समानांतर चले वैज्ञानिक सत्र


CME के दौरान Hall-A और Hall-B में एक साथ वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें हड्डी रोग, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, डायबिटीज, किडनी रोग, लीवर डिजीज, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं और आधुनिक सर्जरी तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

Hall-A में ये रहे प्रमुख विषय


Hall-A में घुटना प्रत्यारोपण, पित्ताशय की पथरी, स्ट्रोक का आधुनिक इलाज, डायबिटिक नेफ्रोपैथी, रोबोटिक सर्जरी और टाइप-2 डायबिटीज के नवीन उपचार विकल्पों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। हर सत्र के बाद Question & Answer राउंड में चिकित्सकों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।


Hall-B में आधुनिक चिकित्सा पर गहन मंथन


Hall-B में CBC की व्याख्या, बुजुर्ग मरीजों की कार्डियक मॉनिटरिंग, कोविड के बाद हिप जॉइंट की समस्याएं, स्पाइन सर्जरी में नई तकनीकें, लीवर डिजीज मैनेजमेंट और गर्भावस्था के दौरान मेडिकल कॉम्प्लिकेशंस जैसे विषयों पर चर्चा हुई।



🔷 Dr. S. K. Wangnoo

सीनियर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट | Apollo Hospitals, New Delhi


डॉ. एस.के. वांगनू ने टाइप-2 डायबिटीज़, मोटापा और उससे जुड़ी जटिल बीमारियों पर अपने दशकों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत में डायबिटीज़ अब केवल शुगर तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह हृदय, किडनी और नसों से जुड़ी बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि इलाज केवल दवाओं पर आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवनशैली में बदलाव, नियमित व्यायाम और खान-पान में सुधार बेहद जरूरी है।
डॉ. वांगनू ने नई पीढ़ी की दवाओं, विशेषकर GLP-1 RA थैरेपी, को डायबिटीज़ प्रबंधन में क्रांतिकारी बताया।
उन्होंने प्राथमिक चिकित्सकों को समय रहते मरीज को रेफर करने और जटिल मामलों में मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच अपनाने की सलाह दी।

हॉस्पिटल: Indraprastha Apollo Hospitals, Sarita Vihar, New Delhi – 110076



🔷 Dr. Viveka Kumar

हेड – इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी | Max Super Speciality Hospital, Saket


डॉ. विवेका कुमार ने हृदय रोगों के आधुनिक इलाज पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी कई जटिल हृदय रोगों का इलाज संभव है।
उन्होंने TAVI और MitraClip जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से बुजुर्ग और हाई-रिस्क मरीजों को मिलने वाले लाभों को समझाया।
डॉ. कुमार ने कहा कि समय पर पहचान और सही अस्पताल तक पहुंचने से हार्ट अटैक में मृत्यु दर को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने छोटे शहरों के डॉक्टरों को शुरुआती लक्षण पहचानने और समय पर रेफरल की अहमियत बताई।

हॉस्पिटल: Max Super Speciality Hospital, Press Enclave Road, Saket, New Delhi – 110017



🔷 घुटना प्रत्यारोपण में जल्दी रिकवरी और कम जटिलता: Dr. Anurag Agarwal


हेड – ऑर्थोपेडिक्स | Cosmos Hospital


डॉ. अनुराग अग्रवाल ने घुटना प्रत्यारोपण में हो रही नई तकनीकी प्रगति पर अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि अब चयनित मरीजों में Unicompartmental Knee Replacement से बेहतर और दीर्घकालिक परिणाम मिल रहे हैं।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कम चीरा, कम दर्द और तेजी से रिकवरी इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सही मरीज चयन न होने पर सर्जरी के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने मरीजों को जल्दबाजी में सर्जरी कराने से बचने की सलाह दी।

हॉस्पिटल: Cosmos Hospital, Moradabad, Uttar Pradesh



🔷पित्ताशय की पथरी, कुछ मामलों में सर्जरी जरूरी Dr. Rahul Kumar

हेड – जनरल सर्जरी | Jigyasa Hospital, Moradabad


डॉ. राहुल कुमार ने पित्ताशय की पथरी (Gallstones) के इलाज को लेकर व्यावहारिक अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि हर पथरी में ऑपरेशन जरूरी नहीं होता और कई मामलों में केवल निगरानी ही पर्याप्त होती है।
डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि गलत समय पर सर्जरी से अनावश्यक जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
उन्होंने सही समय पर रेफरल और मरीज को सही जानकारी देने पर जोर दिया। उनका सत्र युवा डॉक्टरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी रहा।

हॉस्पिटल: Jigyasa Hospital, Moradabad, Uttar Pradesh



🔷 Dr. Ajay Kumar

प्रोफेसर – न्यूरोइमेजिंग एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी | PGI Chandigarh


डॉ. अजय कुमार ने Acute Ischemic Stroke के प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि स्ट्रोक में “गोल्डन ऑवर” सबसे महत्वपूर्ण होता है और देरी मरीज को स्थायी अपंग बना सकती है।
डॉ. कुमार ने आधुनिक इमेजिंग और थ्रोम्बेक्टॉमी तकनीक के फायदों को समझाया।
उन्होंने छोटे शहरों में स्ट्रोक अवेयरनेस बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनका सत्र अत्यंत तकनीकी होने के बावजूद व्यावहारिक रहा।

संस्थान:
Post Graduate Institute of Medical Education & Research (PGIMER), Chandigarh



🔷 Dr. Pradeep Kumar

हेमेटोलॉजी विशेषज्ञ | Max Vaishali


डॉ. प्रदीप कुमार ने CBC रिपोर्ट की सही व्याख्या पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि CBC को सही ढंग से पढ़ने से कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
डॉ. कुमार ने आमतौर पर की जाने वाली गलतियों की ओर ध्यान दिलाया।
उन्होंने अनावश्यक जांच से बचने और सही डायग्नोसिस पर फोकस करने की सलाह दी। उनका सत्र प्राइमरी केयर डॉक्टरों के लिए बेहद लाभकारी रहा।

हॉस्पिटल:
Max Super Speciality Hospital, Vaishali, Ghaziabad (UP)



🔷 Dr. Rahul Chandola
CTVS सर्जन | Max Super Speciality Hospital, Saket


डॉ. राहुल चंदोला ने बुजुर्ग मरीजों में Continuous Cardiac Monitoring के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि डिस्चार्ज के बाद भी मरीज की निगरानी से अचानक होने वाली मौतों को रोका जा सकता है।
डॉ. चंदोला ने डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजी को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में हार्ट मॉनिटरिंग सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता जताई।

हॉस्पिटल:
Max Super Speciality Hospital, Saket, New Delhi



🔷 Prof. Dr. Raju Vaishya

ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ | Apollo Hospital, New Delhi

प्रो. डॉ. राजू वैश्य ने कोविड के बाद बढ़ रहे AVN of Hip मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि स्टेरॉयड के अत्यधिक उपयोग से यह समस्या तेजी से बढ़ी है।
डॉ. वैश्य ने समय रहते पहचान और इलाज से जॉइंट रिप्लेसमेंट से बचाव की संभावना बताई। उन्होंने युवाओं में हड्डी रोगों की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चर्चा की।

हॉस्पिटल:
Indraprastha Apollo Hospitals, New Delhi



🔷 Dr. Nitin Chor


न्यूरोसर्जन | BLK-Max Super Speciality Hospital, New Delhi

डॉ. नितिन चोरे ने स्पाइन सर्जरी में नई तकनीकों पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने Minimally Invasive Spine Surgery को मरीजों के लिए सुरक्षित बताया।
डॉ. चोरे ने कहा कि अब कम ब्लड लॉस और जल्दी रिकवरी संभव है। उन्होंने गलत पोस्चर और लाइफस्टाइल को स्पाइन समस्याओं का मुख्य कारण बताया।

हॉस्पिटल:
BLK-Max Super Speciality Hospital, Pusa Road, New Delhi



🔷 Dr. Rajesh Dey

लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ | Max Vaishali

डॉ. राजेश डे ने फैटी लिवर और लिवर सिरोसिस के बढ़ते मामलों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय रहते जांच और जीवनशैली में बदलाव से लिवर ट्रांसप्लांट की नौबत टाली जा सकती है।
डॉ. डे ने शराब और मोटापे को लिवर रोगों का मुख्य कारण बताया। उन्होंने मरीजों को नियमित जांच की सलाह दी।

हॉस्पिटल:
Max Super Speciality Hospital, Vaishali, Ghaziabad (UP)

🔷 Dr. Karishma Singh

सीनियर कंसल्टेंट – IVF एवं ऑब्स्टेट्रिक्स | Jigyasa Hospital

डॉ. करिश्मा सिंह ने गर्भावस्था के दौरान होने वाली मेडिकल जटिलताओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि हाई बीपी, डायबिटीज़ और एनीमिया समय पर नियंत्रित न हों तो मां और शिशु दोनों के लिए खतरा बन सकते हैं।
उन्होंने मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम के महत्व को रेखांकित किया। उनका सत्र महिला स्वास्थ्य पर केंद्रित रहा।

हॉस्पिटल:
Jigyasa Hospital, Moradabad, Uttar Pradesh



🔷 Dr. Manisha Dassi
नेफ्रोलॉजिस्ट | Max Vaishali

डॉ. मानिषा दासी ने डायबिटिक किडनी डिजीज के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि शुरुआती लक्षण पहचानने से किडनी फेल्योर से बचाव संभव है।
डॉ. दासी ने नई दवाओं और डायलिसिस से बचने के उपाय बताए। उन्होंने नियमित किडनी जांच पर जोर दिया।

हॉस्पिटल:
Max Super Speciality Hospital, Vaishali, Ghaziabad (UP)



🔷 Dr. Vivek Bindal
रोबोटिक सर्जन | Max Vaishali

डॉ. विवेक बिंदल ने रोबोटिक सर्जरी के बढ़ते उपयोग पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मोटापा और पेट की सर्जरी में रोबोटिक तकनीक अधिक सुरक्षित और सटीक है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि इससे जटिलताएं कम होती हैं और मरीज जल्दी स्वस्थ होता है। उन्होंने इसे सर्जरी का भविष्य बताया।

हॉस्पिटल:
Max Super Speciality Hospital, Vaishali, Ghaziabad (UP)



मुख्य अतिथि का संदेश

मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि“ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलन डॉक्टरों को नवीनतम मेडिकल नॉलेज से जोड़ते हैं, जिसका सीधा लाभ समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में मिलता है।”उन्होंने आईएमए की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर चिकित्सा शिक्षा समय की आवश्यकता है।


आईएमए अध्यक्ष बोले – मरीजों तक पहुंचे आधुनिक इलाज

आईएमए अध्यक्ष डॉ. सीपी सिंह ने कहा कि CME का उद्देश्य केवल ज्ञान साझा करना नहीं, बल्कि नई रिसर्च और तकनीकों को ग्राउंड लेवल पर मरीजों तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी अतिथि वक्ताओं और प्रतिभागी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।


मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके

हर सत्र के बाद Question & Answer राउंड रखा गया, जिसमें मुरादाबाद व आसपास के चिकित्सकों ने सीधे विशेषज्ञों से अपने क्लिनिकल डाउट्स पूछे। IMA MEDICON-2026 की CME में देशभर के नामी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा कर स्थानीय चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान से अपडेट किया, जिससे भविष्य में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके।

इस दौरान, डॉ.हिमांशु चतुवेर्दी, डॉ. अखिल अग्रवाल, डॉ.सुधीर मिड्ढा, डॉ. ऋचा गर्ग, डॉ. अनुपमा बंसल, डॉ. अपूर्व मित्तल, डाॅ. पंकज गुप्ता, डॉ. पंकज गोयल, डॉ गिरजेश कैन, डॉ.सौरभ अग्रवाल, डॉ अनुराग रस्तोगी, डॉ सिद्धार्थ देशवाल, डॉ विनय के गुप्ता, डॉ. प्रदीप लोनिया, डॉ. अतुल विश्नाेई, डॉ. पीयूष जैन, डॉ अरुण चुघ, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ.ए. के. सिंह, डॉ. समीर जैन। डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. तरूण अग्रवाल, डॉ. अनुराग बंसल, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ नरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सैयद अस्मत अली, डॉ अभय सिंह, डॉ.सौरभ जिंदल, डॉ सिद्धार्थ मेहरोत्रा, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. एच.एस. सिंह, डॉ. अर्चना अग्रवाल, डॉ.पूनम सिंह, डॉ. सुषमा राठी, डॉ.नीतू रस्तोगी, डॉ. संजीव सिंघल, डॉ.आदित्य गुप्ता, डॉ विनीत गर्ग, डॉ. नितिन अग्रवाल, डॉ. सैयद मोहम्मद रज़ी
डॉ. विजय अग्ररियल, डॉ. मुकेश रायजादा, डॉ. वी.के. सिंह, डॉ. आर.बी. सिंह, डॉ. मोहित टैंकोन, डॉ. अतिन शर्मा, डॉ एस एन हसन, डॉ. मगन मेहरोत्रा, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. सुभाष सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

Hello world.

This is a sample box, with some sample content in it. this is an advertisement

error: Content is protected !!