UGC नीतियों के खिलाफ करणी सेना का विरोध, छात्रों-शिक्षकों में बढ़ता आक्रोश
Moradabad में क्षत्रिय करणी सेना की ओर से प्रेस नोट जारी कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। संगठन ने कहा है कि यूजीसी द्वारा हाल के समय में लागू की जा रही नीतियां उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, स्वायत्तता और समानता के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं।
विवादित नीतियों को वापस लेने और बजट बढ़ाने की उठी मांग
बताया गया कि यूजीसी द्वारा बिना पर्याप्त संवाद के लिए गए निर्णय न तो जमीनी हकीकत को समझते हैं और न ही सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की वास्तविक चुनौतियों को दर्शाते हैं। शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, अस्थायी नियुक्तियों में वृद्धि, शोध अनुदान में कटौती और छात्रों पर बढ़ते आर्थिक बोझ से शिक्षा का अधिकार कमजोर हो रहा है।
संगठन का स्पष्ट कहना है कि शिक्षा को बाजार की वस्तु नहीं, बल्कि सार्वजनिक दायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए, जबकि यूजीसी की मौजूदा दिशा सामाजिक न्याय, समावेशन और अकादमिक स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ जा रही है।
प्रमुख मांगें
विवादित नीतियों व नियमों को तत्काल वापस लिया जाए।छात्रों, शिक्षकों और विश्वविद्यालयों से व्यापक परामर्श किया जाए। सार्वजनिक शिक्षा के लिए बजट और शोध अनुदान बढ़ाया जाए। स्थायी नियुक्तियों और अकादमिक स्वायत्तता को सुनिश्चित किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरणों की होगी।
अनिल ठाकुर – जिला अध्यक्ष, विपिन ठाकुर – युवा जिला अध्यक्ष, रितिक ठाकुर – जिला महामंत्री, राजीव – जिला उपाध्यक्ष, अभय ठाकुर, शिवम ठाकुर, अजय ठाकुर, प्रशांत परमार, वैभव शर्मा – जिला महासचिव, अंकुश ठाकुर – जिला संगठन मंत्री, सनी राजपूत, नोरस ठाकुर, अमित, अंकित ठाकुर – महामंत्री / उपाध्यक्ष, राजीव चौहान – जिला सचिव, सचिन ठाकुर, कक्की ठाकुर, रोशन ठाकुर, अंकित वर्मा, भोला ठाकुर, अभिषेक आदि रहे।

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