One Nation One Election: एक ही परिवार में पिता-पुत्र,पति-पत्नी, मां-बेटा, पिता-पुत्री को टिकट नहीं देगा कोई भी दल

लव इंडिया, मुरादाबाद। भाजपा मुरादाबाद महानगर दारा एक राष्ट्र एक चुनाव पर आयोजित प्रबुद्ध समागम में प्रदेश महामंत्री व एमएलसी अनूप गुप्ता बोले कि आजादी के बाद देश में 1952 से लेकर 1967 तक एक साथ चुनाव हुए। कांग्रेस ने सन 1971 में इस परंपरा को ध्वस्त कर दिया। बार-बार चुनाव होने से विकासात्मक गतिविधियां ठप हो जाती है। एक राष्ट्र एक चुनाव की प्रक्रिया लागू होने के बाद परिवारवाद की राजनीति पर रोक लग जाएगी। एक ही परिवार में एक ही व्यक्ति लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ेगा। कोई भी दल एक ही परिवार मे पिता-पुत्र, पति-पत्नी, मां-बेटा, पिता-पुत्री को टिकट नहीं देगा। यह बातें शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी मुरादाबाद महानगर के तत्वावधान में पंचायत भवन सभागार में आयोजित एक राष्ट्र एक चुनाव पर आयोजित प्रबुद्ध समागम में भाजपा प्रदेश महामंत्री व विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता ने कहीं।


अनूप गुप्ता ने आगे कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव देश के विकास के लिए जरूरी है। इसके लागू होने से देश में बड़ा बदलाव होगा। बार-बार चुनाव से विकास प्रक्रिया बाधित होती है व अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।सरकारी संसाधनों का अत्यधिक व्यय होता है। शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा बार-बार बीएलओ के रूप में कार्य करने से स्कूलों में शैक्षिक कार्य प्रभावित होता है। देश सीमा पर सुरक्षा करने वाले सैनिकों को बार-बार चुनाव कराने के लिए सीमा को छोड़कर आना पड़ता है।


यदि एक साथ चुनाव कराए जाएं तो इससे समय और धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने युवाओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, व्यवसायियों आदि प्रबुद्धजनों से आह्वान किया कि एक राष्ट्र-एक चुनाव पर जनमत बनाएं। उन्होंने आगे बताया कि बार-बार चुनाव होने से सरकारी तंत्रों की व्यस्तता से विकास के कार्य प्रभावित होता है। कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव सांविधानिक प्रक्रिया थी, कांग्रेस ने इसे खत्म किया। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव को संसद में पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता है और इसके पारित होते ही संविधान में 129 वां संशोधन हो जाएगा।


एक राष्ट्र एक चुनाव प्रबुद्ध समागम की प्रस्तावना रखते हुए विधान परिषद सदस्य डॉ जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव केवल एक राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को सशक्त करने और शासन व्यवस्था को स्थिरता देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व कहा था कि हम देश में एक राष्ट्र एक चुनाव को लागू कराएंगे। देश में मोदी सरकार आने के बाद जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटी, तीन तलाक का कानून पास हुआ, सीएए लागू हुआ, वक्फ संशोधन अधिनियम बिल पारित हुआ, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला बिल पास हुआ, आदि बहुत सारे बिल व अधिनियम पारित हुए हैं और लागू हुई।


समागम की अध्यक्षता प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अनुराग महरोत्रा ने कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव वर्तमान श समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। एक के बाद एक चुनाव होने से आचार संहिता लग जाती हैं जिससे सबसे अधिक विकास कार्य प्रभावित होते हैं। बार-बार होने वाले चुनावों से न केवल आर्थिक संसाधनों की भारी बर्बादी होती है, बल्कि बार-बार लागू होने वाली आचार संहिता के कारण जनकल्याणकारी योजनाएं ठप हो जाती हैं। समागम की अध्यक्षता प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ अनुराग महरोत्रा ने की व संचालन भाजपा महानगर मंत्री व कार्यक्रम संयोजक सर्वेश पटेल ने किया। आभार भाजपा महानगर उपाध्यक्ष व कार्यक्रम सह संयोजक विशाल त्यागी ने व्यक्त किया।


इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला, महापौर विनोद अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ जयपाल सिंह व्यस्त व गोपाल अंजान, एक राष्ट्र एक चुनाव के समन्वयक धमेंद्र नाथ मिश्रा, महानगर उपाध्यक्ष विशाल त्यागी, महानगर मंत्री सर्वेश पटेल, निमित जायसवाल, राजीव गुप्ता, दीक्षांत चौधरी, हरिओम सैनी, डा केके मिश्रा, गिरीश वर्मा, साध्वी गीता प्रधान, कमल गुलाटी, श्याम बिहारी शर्मा, दिनेश शीर्षवाल नवदीप टंडन के अलावा प्रबुद्ध वर्ग में बार एसोसिएशन के महासचिव अभिषेक भटनागर एडवोकेट, डॉ विशेष गुप्ता, शिक्षाविद डॉ मीनू मेहरोत्रा, पूनम गुप्ता मधुबाला त्यागी, व्यापारी नेता अरविंद जॉनी, विपिन गुप्ता, राजेश रस्तोगी, धीरशांत दास, जोगिंदर पाल सिंह, डा बृजपाल सिंह यादव, राजीव ढल, विमलेंद्र शर्मा, गिरिराज चौधरी, मयंक त्यागी, अतुल सोती, अमित सक्सेना बंकू, संजीव तिवारी, अवधेश पाठक, डॉ सतीश चौहान, सुनील अग्रवाल आदि रहे।

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