लव इंडिया, मुरादाबाद। भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्रॉफ की 124वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया- पीसीआई की ओर से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फार्मेसी कॉलेज में प्रतिष्ठित शैक्षणिक पहल फार्मा अन्वेषण 2026, नेशनल कॉन्फ्रेंस में पीसीआई के रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेट्ररी अनिल मित्तल ने बतौर मुख्य अतिथि, फाइनेंस समिति के चेयरमैन प्रो. विभु साहनी ने बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर की शिरकत
भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्रॉफ की 124वीं जयंती पर फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया- पीसीआई की ओर से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के ऑडी में फार्मेसी स्टुडेंट्स की वैश्विक उड़ान को बड़े-बड़े ऐलान किए गए। फार्मेसी कॉलेज में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर प्रतिष्ठित शैक्षणिक पहल फार्मा अन्वेषण 2026 में फार्मेसी काउंसिल ने ऐलान किया, पीसीआई पूरे देश में नए सिलेबस के संग-संग पांच नए पीजी कोर्स- फार्माकोविजिलेंश, क्लिनिकल प्रैक्टिस, मेडिकल डिवाइस, बायोइंफॉर्मेटिक्स प्रारम्भ करेगा।

वक्ताओं ने कहा, वैश्विक जरूरतों के मुताबिक इंडस्ट्री और अकेडमी का समन्वय बेहद जरूरी है। प्रस्तावित नए कोर्स से फार्मेसी के स्टुडेंट्स इंडस्ट्री बेस्ड स्किल्स में एक्सपर्ट होंगे। नए पाठ्क्रम का 70 प्रतिशत पीसीआई, जबकि 30 प्रतिशत हिस्सा संस्थान तय करेंगे। साथ ही यह भी ऐलान किया, यूजी के बाद 660 घंटे का रेगुलेट्री अफेयर्स एंड इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट् स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम भी लांच किया जाएगा ताकि फार्मेसी में जॉब की राह आसान हो सके।
इसके अलावा 840 घंटे का बायो इन्फोर्मेटिक एंड एनालिसिस स्किल डवलपमेंट प्रोग्राम भी लांच होगा। पीसीआई ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है, फार्मासिस्टों को प्रीस्क्रिप्शन लिखने का अधिकार मिलना चाहिए। उल्लेखनीय है, विदेशों में फार्मासिस्टों को दवा लिखने का अधिकार है। स्वास्थ्य मंत्रालय के हील बाय इंडिया प्रोग्राम में फार्मेसी स्टुडेंट्स की भागीदारी को शामिल करा दिया गया है। फार्मेसी एजुकेशन प्रोग्राम फंडिंग के तहत 300 करोड़ की राशि जी-पैट- ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट फेलोशिल का प्रावधान किया गया है।
रिसर्च एंड डवलपमेंट स्कीम पर भी जोर दिया जा रहा है। फॉर्मेसी कॉलेजों के इंस्पेक्शन के लिए जीओ टैग ड्रोन सिस्टम एनालिसि की योजना प्रस्तावित है। पीसीआई के पोर्टल पर जॉब के द्वार खुले हैं, जहां स्टुडेंट्स एप्लाई कर सकते हैं। ये महत्वूपर्ण घोषणाएं पीसीआई के रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेट्ररी अनिल मित्तल ने बतौर मुख्य अतिथि, फाइनेंस समिति के चेयरमैन प्रो. विभु साहनी ने बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर कहीं। इससे पूर्व पीसीआई के अध्यक्ष डॉ. मोंटू पटेल ने वर्चुअली संदेश में इन्क्यूबेशन और नए पाठ्यक्रमों के जरिए फार्मेसी स्टुडेंट्स को वैश्विक उड़ान को नए पंख देने की वकालत की।

इससे पूर्व रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेट्ररी अनिल मित्तल, फाइनेंस समिति के चेयरमैन प्रो. विभु साहनी, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संदीप बडोला, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सेंट्रल मेम्बर प्रो. नीरज उपमन्यु, सेंट्रल मेम्बर प्रो. अंबर व्यास, टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन, डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन, फार्मेसी के प्राचार्य प्रो. आशु मित्तल, एसोसिएट डीन आरएंडडी प्रो. अनुराग वर्मा, कन्वीनर प्रो. फूलचंद आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके नेशनल कॉन्फ्रेंस का शुभारम्भ किया। अतिथियों ने कॉन्फ्रेंस में सोवेनियर, पीसीआई न्यूज़ लेटर, कॉलेज मैगजीन और न्यूज़ लेटर का विमोचन भी किया।

दस इंडस्ट्रीज़ के संग एमओयू साइन करने होंगेः प्रो. नीरज उपमन्यु
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सेंट्रल मेम्बर प्रो. नीरज उपमन्यु ने केन्द्र को सुझाव देते हुए कहा, प्रत्येक फार्मेसी कॉलेज को कम से कम 10 इंडस्ट्रीज़ के संग एमओयू साइन करने होंगे और स्टुडेंट्स को दो बार इंडस्ट्रीयल इंटर्नशिप करानी होगी। एंटीबायोटिक दवाओं के अत्याधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए एंटी माइक्रोबियल रजिस्टेंश सेंसिटाइजेशन वर्कशॉप आयोजित कराने का भी प्रावधान है। देश भर में पीजी स्टुडेंट्स के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेश को जरूरी बताया। कॉन्फ्रेंस में 120 रिसर्च पेपर्स, 20 पेटेंट्स और 20 वर्किंग मॉडल्स की प्रस्तुति हुई। बतौर की-नोट स्पीकर एमवीएन यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रो. एमेरिटस डॉ. देवेंद्र पाठक ने पीपीटी के जरिए ब्रीजिंग गैप बिटविन अकेडमी एंड इंडस्ट्री पर प्रजेंटेशन दिया। सभी अतिथियों को बुके देकर स्वागत, अंत में शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो. अनुराग वर्मा ने स्टुडेंट्स को फार्मेसी की शपथ दिलाई। संचालन फैकल्टीज़ डॉ. आशीष सिंघई, डॉ. मिथुल मेमन और श्री सिद्धांत त्यागी ने किया।

फार्मेसी टीचर्स को भी देना चाहिए इंडस्ट्रियल एक्सपोजरः प्रो. अंबर व्यास
सेंट्रल मेम्बर प्रो. अंबर व्यास ने हिन्दी की प्रबल पैरोकारी करते हुए कहा, फार्मेसी की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषाओं में भी होनी चाहिए। टीचर्स को भी इंडस्ट्रियल एक्सपोजर दिया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई, आइडियाथॉन, आइडिया प्रजेंटेशन, पेटेंट प्रजेंटेशन भविष्य में कॉन्फ्रेंस के मुख्य हिस्सा होंगे।

संदीप बडोला बोले, इंडस्ट्री और एकेडमी के बीच की खाई को होगा पाटना
यूपी फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष श्री संदीप बडोला ने कहा, फार्मेसी स्टुडेंट्स को स्किल्ड बनाने के लिए इंडस्ट्री और एकेडमी के बीच की खाई को पाटना होगा, इसीलिए शिक्षा जगत और उद्योग के मध्य बेहतर समन्वय और मजबूत रिश्ते होने चाहिए। श्री बडोला बोले, फार्मेसी की गरिमा शिक्षकों के कंधे पर है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा जरूरी है। एनएफआई हर लाइब्रेरी में जरूर होना चाहिए। दवाइयों के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फार्मेसी स्टुुडेंट्स को नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया- एनएफआई के प्रति अवेयर होना चाहिए। टीएमयू के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन की डायनामिक लीडरशिप की तारीफ करते हुए बोले, इस कॉन्फ्रेंस के लिए यूपी में टीएमयू समेत केवल दो यूनिवर्सिटी का ही चयन किया गया है।

टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन ने किया महादेव लाल श्रॉफ का भावपूर्ण स्मरण
टीएमयू के वीसी प्रो. वीके जैन बोले, मानव जीवन में फार्मास्टि की अहम भूमिका होती है। यह कोरोना काल में सिद्ध हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक महादेव लाल श्रॉफ का भावपूर्ण स्मरण किया। टीएमयू के फार्मेसी कॉलेज की फैकल्टी पर हमें गर्व है, क्योंकि स्कोप्स इंडेक्स में 2025 में 300 इंटरनेशनल और नेशनल रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं। स्टुडेंट्स की हौसलाफलाई करते हुए मशहूर कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता- कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती… सुनाई।
मानव जीवन में फार्मासिस्टों की भूमिका अविस्मरणीयः प्रो. मंजुला जैन
डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने फार्मेसी को व्यक्ति केंद्रित प्रोफेशन बताते हुए कहा, मानव जीवन में फार्मासिस्टों की भूमिका अविस्मरणीय है। इंडस्ट्री और एकेडमी कोलाबोरेशन का मूल उद्देश्य गुड हैल्थ प्रदान करना है। अंत में उन्होंने फार्मेसी स्टुडेंट्स से दवाओं को लेकर भी सवाल किए। फार्मेसी के प्राचार्य प्रो. आशु मित्तल ने कॉन्फ्रेंस की थीम प्रस्तुत की। अंत में सभी का धन्यवाद दिया। कॉन्फ्रेंस में प्रो. एमपी सिंह, प्रो. नीशीथ मिश्रा, श्री अमित कंसल, डॉ. ज्योति पुरी, श्री रविन्द्र देव के संग-संग फार्मेसी कॉलेज की ओर से वाइस प्रिंसिपल प्रो. मयूर पोरवाल, को-कन्वीनर्स- डॉ. पुष्पेन्द्र शुक्ला, प्रो. केके शर्मा, डॉ. अनुराधा पवार, डॉ. शिप्रा कार्तिक आदि की भी मौैजूदगी रही। उल्लेखनीय है, कॉन्फ्रेंस में वेस्ट यूपी के दो दर्जन से अधिक फार्मेसी कॉलेज के फैकल्टीज़ और स्टुडेंट्स ने भी प्रतिभाग किया।

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आरएंडडी और स्किल डवलपमेंट सेंटर्स खोलने को देश
भर में खर्च होंगे 105 करोड़, टीएमयू से भी मांगा प्रस्ताव

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया- पीसीआई देश भर के फार्मेसी कॉलेजों की सूरत और सीरत बदलने के लिए संकल्पित है। टीएमयू की नेशनल कॉन्फ्रेंस फार्मा अन्वेषण 2026 में फाइनेंस समिति के चेयरमैन प्रो. विभु साहनी ने ऐलान किया, चयनित फार्मेसी कॉलेजों में 30 करोड़ रूपए शोध केन्द्रों को खोलने के लिए व्यय किए जाएंगे, जबकि स्किल्स डवलपमेंट सेंटर्स स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रूपए पीसीआई देश भर में खर्च करेगी। फार्मेसी स्टुडेंट्स के लिए अलग से अत्याधुनिक फार्मेसी लैब्स की वकालत करते हुए बोले, पीसीआई स्टुडेंट्स को सघन स्किल ट्रेनिंग भी देगा। उन्होंने टीएमयू के फॉर्मेसी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आशु मित्तल और आरएंडडी के एसोसिएट डीन प्रो. अनुराग वर्मा से आरएंडडी और स्किल डवलपमेंट सेंटर बनाने का प्रस्ताव भेजने की सलाह दी है। श्री साहनी ने बताया, पीसीआई मानकों के तहत आवेदित कॉलेजों की स्क्रूटनी के बाद ही फंड रिलीज किया जाएगा।

पैनल डिस्कशन में दिग्गजों ने की शिरकत
कॉन्फेंस के इंडस्ट्री-एकेडेमिया पैनल डिस्कशन में सीटीएसआई जामिया हमदर्द दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. मयमूना अख्तर, चरक स्कूल ऑफ़ फार्मेसी, मेरठ की प्राचार्या प्रो. वैशाली एम. पाटिल, रेगुलेटरी अफेयर्स थर्माेफिशर साइंटिफिक कं. गुरुग्राम की मैनेजर श्रीमती अदिति भारद्वाज, बरेली डिवीज़न की ड्रग इंस्पेक्टर श्रीमती उर्मिला वर्मा, एसडी कॉलेज मुज़फ्फरनगर के डायरेक्टर डॉ. अरविंद कुमार, दत्त मेडी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, दिल्लीं के सीनियर जीएम क्लिनिकल ऑपरेशन्स डॉ. नीरज कुमार, इंमिटो हैल्थ टेक प्रा. लि., फरीदाबाद के डायरेक्टर श्री नवीन खन्ना, मोदी मुंडी फार्मा मोदीपुरम के जनरल मैनेजर डॉ. राजेश अग्रवाल आदि शामिल रहे।
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