35 साल से न्याय नहीं, अब इंसाफ मिलने तक DM का वेतन रहेगा बंद


बेगूसराय में 35 वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे एक व्यक्ति को अब तक इंसाफ नहीं मिला, इसी इंतजार में उनकी पत्नी का भी निधन हो गया। प्रशासन की लापरवाही पर तेघड़ा मुंसिफ कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाते हुए बेगूसराय के डीएम का वेतन रोकने का आदेश दिया है।

जिला कोषागार अधिकारी को आदेश दिया गया है कि जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलता, डीएम का वेतन जारी न किया जाए। आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर शपथ पत्र के साथ दाखिल करने को कहा गया है। बेगूसराय के एसपी को भी निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन सुनिश्चित करें।

केस नंबर 06/1999 के तहत कोर्ट ने पीड़ित श्यामदेव प्रसाद सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया था। 2014 में पटना हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को जमीन खाली कराने का आदेश दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 27 सितंबर 2024 को कोर्ट ने प्रशासन से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। तेघड़ा मुंसिफ कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद न्याय की उम्मीद लगाए बैठे लोगों में खुशी देखी जा रही है। अधिवक्ताओं का मानना है कि यह फैसला न्यायपालिका में जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा।

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