आयतुल्ला सैय्यद अली खामनेई की शहादत पर विशाल विरोध प्रदर्शन
ईरान के सर्वोच्च नेता (रहबर-ए-आला) आयतुल्ला सैय्यद अली खामनेई की शहादत की खबर से विश्वभर में शोक और प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी क्रम में मुरादाबाद के आजाद नगर (MDA) क्षेत्र में शनिवार को एक विशाल विरोध रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर शोक व्यक्त किया और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार रखे।
उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद शहर के आजाद नगर क्षेत्र में शिया समुदाय के लोगों ने शोक प्रकट करते हुए एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर भी विरोध-प्रदर्शन दिखाई दिया।

हाथों में बैनर व तख्तियां लेकर आजाद नगर में शोक प्रदर्शन
रविवार दोपहर बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग काले कपड़े पहने और हाथों में बैनर व तख्तियां लेकर आजाद नगर में इकट्ठा हुए। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रदर्शनकारियों ने अपने नारों और बैनरों के माध्यम से वर्तमान वैश्विक राजनीति पर अपने विचार भी व्यक्त किए।

हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब
काले परचम और तस्वीरों के साथ निकली रैलीरैली में शामिल लोगों ने काले कपड़े और काले परचम धारण कर शोक प्रकट किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में आयतुल्ला खामनेई की तस्वीरें और बैनर थे। भीड़ ने “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए तथा इस घटना को वैश्विक स्तर पर अन्याय का प्रतीक बताया। कहा कि “तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से ख़ामेनेई निकलेगा..।”
उलेमा-ए-किराम के बयान

मौलाना अली हैदर नूरी का संबोधन
रैली को संबोधित करते हुए मौलाना अली हैदर नूरी ने कहा: “आयतुल्ला खामनेई की शहादत केवल ईरान का नुकसान नहीं, बल्कि पूरी मजलूमियत की आवाज को दबाने की कोशिश है। अमेरिका और इजराइल ने इस कदम से यह साबित किया है कि वे अमन के दुश्मन हैं।”मौलाना नाज़ साहब का वक्तव्य
वहीं मौलाना नाज़ साहब ने अपने संबोधन में कहा:“दुश्मन यह न समझे कि एक रहनुमा को शहीद कर तहरीक खत्म हो जाएगी। खामनेई साहब के विचार हर इंसाफ पसंद इंसान के दिल में जिंदा रहेंगे। मुरादाबाद की अवाम इस गम की घड़ी में ईरान के साथ खड़ी है।”
अमेरिका की विदेश नीतियों की कड़ी आलोचना
इसी क्रम में प्रभावशाली वक्ताओं ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने विश्व स्तर पर इस्लामी मूल्यों और परंपराओं की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वक्ताओं ने कहा कि उनका निधन मुस्लिम जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने इसराइल और अमेरिका की विदेश नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें दोषी ठहराया।
शांतिपूर्ण माहौल & सुरक्षा व्यवस्थाएँ
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से हुआ और इसका समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ। उस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा तथा भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सहयोग को सराहा और कहा कि शांति बनाए रखना समाज के हित में है।
वक्ताओं के मुख्य विचार
प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने मुख्य रूप से निम्न बातों पर जोर दिया कि अयातुल्ला अली खामेनेई के योगदान को याद किया गया। उनके नेतृत्व में मुस्लिम दुनिया की आवाज को सम्मान मिला। इसराइल और अमेरिका की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई गई। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मुस्लिम संगठनों की भूमिका पर विचार साझा किए गए।
नागरिकों ने जताया सामूहिक शोक
कार्यक्रम में शामिल ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे अपने नेता के सम्मान में आए हैं और उनके विचारों को याद रखते हुए समान भाव के साथ शोक व्यक्त करना चाहते हैं। समापन पर सामूहिक दुआ कर कार्यक्रम समाप्त हुआ।
रैली का मार्ग और समापन
रैली आजाद नगर (MDA) क्षेत्र से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्गों से होती हुई पुनः सभा स्थल पर समाप्त हुई। यह विरोध प्रदर्शन समस्त अवाम एवं इमाम ए मेहदी यूथ मिशन, मुरादाबाद की ओर से आयोजित किया गया।
सामूहिक दुआ के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में शहीद आयतुल्ला खामनेई के दरजात की बुलंदी के लिए सामूहिक दुआ की गई।
मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

रैली में कई सामाजिक, धार्मिक और संगठनात्मक पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख रूप से डॉ. कायम रज़ा (सचिव, मोहम्मदिया हॉल), कलम हसनैन, परवेज भाई, अनीस हैदर, हसन ज़ैदी एडवोकेट (अध्यक्ष, IMYM), वसी अब्बास (सचिव, IMYM), ज़ैनुल इबाद, मोहम्मद अब्बास, डॉ. आरिफ रज़ा, कमर अब्बास बाकरी मासूम रज़ा, मोहम्मद अली, अस्बात हुसैन,शवाब शजर जैन, दानिश कोनैन, रज़ा सादिक ज़ैदी, खुशनूर अनवर, काशिफ नाज़िश, इमरान ज़ैदी, अयान नकवी, आमिर, जावेद, आबिद, आलम भाई (लकड़ी वालान)आमिर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
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