उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। मुरादाबाद में रमजानुल मुबारक का चांद देखने की कोशिशों के बीच बिहार, पंजाब और मिजोरम में चांद दिखाई देने की खबर मिलते ही शहर में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। कोतवाली क्षेत्र की मस्जिदों की छतों पर मौलाना अब्दुल अफ्फान, परवेज़ मिर्ज़ा सहित कई लोग और मासूम बच्चे चांद देखने के लिए एकत्र हुए। चांद दिखने की पुष्टि के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत का ऐलान किया गया लेकिन अभी मुस्लिम धर्म गुरुओं की तरफ से किसी तरह की कोई घोषणा नहीं हुई है।
मस्जिदों की छतों पर जुटे लोग

कोतवाली क्षेत्र स्थित मस्जिद की छत पर शाम ढलते ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। मौलाना अब्दुल अफ्फान और परवेज़ मिर्ज़ा ने आसमान की ओर निगाहें टिकाए चांद की तलाश की। उनके साथ कई बच्चे भी उत्साह के साथ चांद देखने पहुंचे। जैसे ही बिहार, पंजाब और मिजोरम में चांद दिखने की सूचना मिली, लोगों के चेहरों पर खुशी झलक उठी और “रमजान मुबारक” की आवाजें गूंजने लगीं।
कंपनी बाग के पास जिला नेत्र चिकित्सालय के बराबर गली में मस्जिद इस्हाक मियां में रमजान उल मुबारक की तैयारी शुरू हो गई है। इंतजामिया कमेटी के मुताबिक यहां पर हर रोज तीन पारे होंगे और 10वें रोज पर अर्थात 11वें रोजे पर कुरान मुकाल हो जाएगी।
इबादत और रोज़ों की तैयारी
रमजान इस्लाम धर्म का पवित्र महीना है, जिसमें रोज़ा, नमाज़ और कुरआन की तिलावत का विशेष महत्व होता है। चांद दिखने के साथ ही सहरी और इफ्तार की तैयारियां शुरू हो गईं। बाजारों में भी देर शाम तक रौनक देखने को मिली।
मौलाना अब्दुल अफ्फान ने बताया कि रमजान आत्मसंयम, त्याग और इंसानियत का पैगाम देता है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे और अमन-चैन बनाए रखने की अपील की।
बच्चों में खास उत्साह
मस्जिद की छत पर मौजूद मासूम बच्चों में चांद देखने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई बच्चों ने पहली बार रमजान का चांद देखने का अनुभव साझा किया और इसे यादगार पल बताया।

शहर में बढ़ी रौनक
बिहार पंजाब और मिजोरम में चांद दिखने की खबर फैलते ही शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों ने एक-दूसरे को फोन और सोशल मीडिया के जरिए बधाइयां दीं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ की तैयारियां भी शुरू हो गईं। प्रशासन ने भी आगामी दिनों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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