लाजपत नगर में रामलीला में अहिल्या उद्धार से लेकर श्रीराम को फूल तोड़ते देखा माता सीता ने…का मंचन

लव इंडिया, मुरादाबाद। श्रीराम कथा मंचन समिति लाजपत नगर मुरादाबाद के तत्वावधान में लाजपत नगर राम लीला मैदान के भव्य रंग मंच पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र की अनुकरणीय एवं आदर्श लीलाओ की प्रस्तुति स्वामी नन्द किशोर शर्मा के कुशल निर्देशन में हुई।

ब्रजधाम रामकृष्ण लीला संस्थान वृंदावन के कलाकारों द्वारा आज की लीला में अहिल्या उद्धार ऋषि विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण का गंगा पार पहुंचाना, जनकपुर पहुंचकर नगर दर्शन करना और ऋषि विश्वामित्र की पूजा के लिए फूल लेने बगिया में जाना वहां राम और सीता का मिलना। राम देखे सिया को और सिया राम को चार अखियां लड़ी की लड़ी रह गई ।

श्रीराम और लक्ष्मण ऋषि विश्वामित्र के साथ प्रयागराज की धरती पर पहुंचते हैं राम देखते हैं की एक वीरान सा आश्रम पड़ा है वहां पंछी भी नहीं है और एक पत्थर की शिला पड़ी हुई है तब राम ऋषि विश्वामित्र से पूछते हैं यह कैसा आश्रम है यहां तो कोई दिखाई भी नहीं देता तब विश्व मित्र राम को उसे आश्रम में ले जाकर पूरी कहानी बताते हैं।


यह शिला जो पड़ी है यह गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या है एक बार की बात है इंद्र अपने दरबार में बैठे थे। उन्होंने गुरु बृहस्पति से पूछा की इस संसार में सबसे सुंदर नई कौन सी है तब गुरु बृहस्पति ने बताया कि गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या संसार की सबसे सुंदर नारी है इंद्र के मन में पाप आ जाता है और वह अहिल्या के साथ रात बिताना चाहते हैं इंद्र चंद्र देव को साथ लेकर गौतम ऋषि के आश्रम में पहुंचते हैं।

इंद्र चंद्र देव से कहते हैं कि वह मुर्गा बनाकर वाक दें जिससे गौतम ऋषि प्रातकाल होगया समझकर गंगा स्नान के लिए निकल जाएंगे और में है। गौतम ऋषि का रूप बनाकर अहिल्या के पास पहुंच जाऊंगा ऐसा ही होता है लेकिन गौतम ऋषि जब गंगा किनारे पहुंचते हैं तो मां गंगा कहती है की बेटा आप आधी रात्रि को स्नान करने क्यों आए हैं।


गौतम ऋषि वापस आश्रम जाते हैं तब देखते हैं की इंद्र उनकी कुटिया में से निकलकर बाहर आ रहे होते हैं गौतम ऋषि इंद्र को शाप देते हैं और चंद्र देव को अपनी मृग जला से मरते हैं और अपनी पुत्री अंजनी को भी शाप देते हैं और अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर बन जाने का शाप देते हैं । अहिल्या अपने उद्धार के लिए के लिए गौतम ऋषि से प्रार्थना करती हैं तब ऋषि कहते हैं कि त्रेता युग में राम यहां आएंगे और वह तुम्हें छूकर उद्धार कर देंगे ।

रामलीला की व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र अग्रवाल महामंत्री विनोद बाबू सक्सेना कोषाध्यक्ष मुकुल बंसल प्रबंधक मंत्री श्याम कृष्ण रस्तौगी, शम्मी रस्तोगी विवेक शर्मा विपिन अग्रवाल असीम अग्रवाल रामकुमार गुप्ता अविनाश अग्रवाल राजेश त्रिपाठी शरद अग्रवाल राजेंद्र खन्ना आदि ने सहयोग किया।

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